मुरादाबाद। रविवार को मुरादाबाद हाईवे पर एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया। हादसे में रोडवेज बस ने एक टेंपो को टक्कर मारी, जिससे टेंपो सवार लोग सड़क पर लगभग 40 मीटर तक बिखर गए। इस भीषण दुर्घटना में पति-पत्नी और बेटी समेत परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।
जानकारी के अनुसार, यह परिवार रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए मुरादाबाद के रफातपुर गांव जा रहा था। ऑटो में कुल 11 लोग सवार थे, जिसमें चालक संजू के अलावा करन सिंह, उनकी पत्नी सीमा (42), बेटी अनाया (12), भतीजा अभय (15), 7 महीने की गर्भवती बहन सुमन (24), चचेरे भाई मुरारी की बेटी आरती (20), भतीजी झलक (15), अंशु (17) और दिनेश की बेटी अनुष्का (9) शामिल थे। यह सड़क हादसा केवल एक परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लोगों के लिए एक बड़ा सदमा बन गया।
हादसे के समय खुशबू पाटनी वहां से गुजर रही थीं। उन्होंने बताया कि सड़क पर घायलों की मदद के लिए आसपास कोई सक्रिय नहीं था। घायलों की हालत इतनी नाजुक थी कि लोग उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने के बजाय डर के मारे दूर खड़े थे। खुशबू ने तुरंत अपनी हिम्मत दिखाई और घायल लोगों को सड़क किनारे सुरक्षित जगह पर ले जाकर मदद की। उनके कपड़े पूरी तरह खून से सने हुए थे।
उन्होंने एम्बुलेंस को कॉल किया, लेकिन आने में डेढ़ घंटे से अधिक समय लग गया। इस देरी के कारण कई लोग सड़क पर तड़पते रहे। खुशबू ने घटना का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया, जिसमें सड़क किनारे बिखरी लाशें और घायल लोगों की पीड़ा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। वीडियो में एक महिला जोर-जोर से रोती हुई नजर आ रही है, जो इस हादसे की भयावहता को और गहराता है।
स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचकर घायलों को यशोदा अस्पताल में भर्ती कराने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना की पूरी जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कैसे इतनी भीषण टक्कर हुई और किन परिस्थितियों ने हादसे को और अधिक गंभीर बना दिया।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस तरह की दुर्घटनाएं न केवल परिवारों को उजाड़ देती हैं, बल्कि पूरे समाज में भय और चिंता की स्थिति पैदा करती हैं। प्रशासन और सड़क सुरक्षा अधिकारियों से यह अपेक्षा की जा रही है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
