पीलीभीत/बरेली : यूपी के पीलीभीत में बाघों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। गुरुवार को न्यूरिया क्षेत्र में सिर्फ दो घंटे में तीन अलग-अलग हमले हुए। एक 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि एक किशोर और दूसरी महिला गंभीर रूप से घायल हो गए। इन हमलों ने ग्रामीणों को गहरे सदमे और डर में डाल दिया है। लोग घरों में कैद हैं और खेतों में काम करना तक छोड़ चुके हैं।
तृष्णा की मौत, मीना घायल, नीलेश ने लड़कर बचाई जान
सुबह करीब 6:00 बजे, सहजनिया गांव की मीना (50 वर्ष) पर बाघ ने हमला किया। गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने उन्हें दबोचकर 20 मीटर तक घसीटा, लेकिन शोर मचाने पर छोड़ भागा। उसके बाद 6:45 बजे, मंडरिया गांव के नीलेश (14 वर्ष) पर बाघ ने हमला किया। हैरानी की बात यह रही कि नीलेश ने करीब 10 मिनट तक बाघ से संघर्ष किया, और ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ वहां से भाग निकला। 7:00 बजे, उसी गांव की तृष्णा (50 वर्ष) पर बाघ ने हमला किया और उसे खेत से उठा ले गया। उनका शव बाद में खेत से बरामद हुआ।
बाघ का वीडियो वायरल, दो बाघों की पुष्टि
ग्रामीणों ने बाघ को सड़कों और खेतों में घूमते हुए वीडियो में रिकॉर्ड किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में कम से कम दो बाघ सक्रिय हैं, जो एक के बाद एक हमले कर रहे हैं।
प्रशासन मौके पर, लेकिन बाघ दे रहा चकमा
महिला की मौत के बाद डीएम ज्ञानेंद्र सिंह और एसपी अभिषेक यादव गांव पहुंचे। वन विभाग की टीम भी गांव में तैनात है। हाथियों, थर्मल ड्रोन और जाल की मदद से बाघ को पकड़ने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह हर बार चकमा दे रहा है। बाघ ने एक बार तो वन विभाग की टीम पर भी झपटने की कोशिश की। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीण वन विभाग की कार्यप्रणाली से नाराज़ हैं। उनका कहना है कि बाघ की बढ़ती चहलकदमी को हल्के में लिया जा रहा है। लोग सुरक्षा की मांग कर रहे हैं और गांव में स्थायी निगरानी की व्यवस्था चाहते हैं।
