29 साल के महानआर्यमन सिंधिया ने दून के बाद अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई, बिना विरोध निर्विरोध चुने गए
गुना/लखनऊ: मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) को अब नई कमान मिल गई है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महानआर्यमन सिंधिया (Mahanaryaman Scindia) को MPCA का अध्यक्ष चुना गया है। खास बात यह रही कि उनके खिलाफ किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया।। इसलिए वह निर्विरोध अध्यक्ष बने।
सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी की MPCA में एंट्री
महानआर्यमन सिंधिया, सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी हैं, जो MPCA के अध्यक्ष बने हैं। उनके दादा माधवराव सिंधिया और पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी लंबे समय तक इस पद पर रह चुके हैं। इससे पहले साल 2019 में ज्योतिरादित्य के समर्थन से वरिष्ठ पत्रकार अभिलाष खांडेकर MPCA अध्यक्ष बने थे।
MPCA के सबसे युवा अध्यक्ष
17 नवंबर 1995 को जन्मे महानआर्यमन अब तक के सबसे युवा MPCA अध्यक्ष बन गए हैं। उन्होंने दून स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की और अमेरिका के शिकागो की येल यूनिवर्सिटी (Yale University) से ग्रेजुएशन किया। क्रिकेट के अलावा उन्हें संगीत का भी शौक है।
सिंधिया परिवार की चौथी पीढ़ी की सियासत में एंट्री
आज़ादी के बाद से ही सिंधिया परिवार भारतीय राजनीति में सक्रिय रहा है। उनकी परदादी (पिता की दादी) विजया राजे सिंधिया 1957 से 1998 तक 8 बार लोकसभा सांसद रही थीं। उनके दादा (पिता के पिता) माधवराव सिंधिया 1971 से 1999 तक 9 बार लोकसभा चुनाव जीत। इसके साथ ही बुआ (दादा की बहन) वसुंधरा राजे सिंधिया राजस्थान की कई बार मुख्यमंत्री, और करीब 5 बार लोकसभा सांसद, यशोधरा राजे सिंधिया 2 बार लोकसभा सांसद। इसके बाद पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया 2002–2024 तक 5 बार सांसद रहे। वह 2019 लोकसभा चुनाव में अपने ड्राइवर से चुनाव हार गए थे। मगर, 2024 लोकसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़कर सांसद बने। वह तीसरी बार केंद्र में मंत्री हैं।
नई पीढ़ी की सक्रियता
अब परिवार की नई पीढ़ी, महानआर्यमन सिंधिया, न केवल क्रिकेट प्रशासन बल्कि राजनीतिक सक्रियता में भी लोगों के बीच दिखने लगे हैं। हाल ही में उन्होंने गुना-शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र में पिता के लिए बैलगाड़ी पर सवार होकर प्रचार किया था। अपनी मां के साथ डोर टू डोर जनसंपर्क कर वोट मांगे थे।
