लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत देशभर में हवाई सफर के लिए खाड़ी देशों में तनाव और ईरान-इस्राइल युद्ध का असर देखने को मिल रहा है। खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध और तेल-गैस संकट के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कीमतों में अचानक वृद्धि होने लगी है। एयर इंडिया ने गुरुवार से घरेलू उड़ानों पर 399 रुपये का अतिरिक्त सरचार्ज लागू कर दिया है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी 1200 रुपये तक का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। एयरलाइंस के अधिकारियों के अनुसार, युद्ध की वजह से इराक का एयरस्पेस बंद होने और लंबी हवाई मार्गों के इस्तेमाल के कारण टिकट महंगे हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान और इस्राइल के बीच हालिया टकराव ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। इससे वैश्विक तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है और एयर ट्रैवल का खर्च भी बढ़ गया है। एयरलाइन कंपनियों के लिए एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे हवाई सफर महंगा होना तय है। अधिकारी बताते हैं कि फिलहाल यह असर शुरुआती स्तर का है, लेकिन अगर युद्ध लंबा खिंचा और तेल की कीमतें और बढ़ीं, तो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों के किराए में और बढ़ोतरी हो सकती है।
लखनऊ एयरपोर्ट पर तैनात एक एयरलाइंस अधिकारी ने बताया कि अमेरिका और यूरोप की कनेक्टिंग फ्लाइट्स अब इराक के एयरस्पेस का उपयोग नहीं कर पा रही हैं। पहले यह रूट छोटा और समय की बचत वाला था, लेकिन अब लंबा मार्ग तय करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर किराए पर पड़ता है। उन्होंने कहा, “अभी तो शुरुआती दौर है, लेकिन अगर यह स्थिति लंबे समय तक जारी रही, तो टिकट और महंगे होंगे। इस पर रोक पाना मुश्किल है, क्योंकि इंधन का खर्च बढ़ रहा है।”
खाड़ी संकट का असर केवल हवाई सफर तक सीमित नहीं है। देश में तेल और गैस की कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है। ईंधन की बढ़ती कीमतें परिवहन और घरेलू उद्योगों में लागत बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हवाई यात्रा के महंगी होने का यह सिर्फ पहला संकेत है। आने वाले हफ्तों में स्थिति और गंभीर हो सकती है, अगर युद्ध का असर लंबे समय तक खाड़ी क्षेत्र में बना रहा।
एयर इंडिया ने बढ़े हुए सरचार्ज को लागू करने के साथ यात्रियों को सलाह दी है कि टिकट बुकिंग करते समय अतिरिक्त शुल्क को ध्यान में रखें। अन्य एयरलाइंस भी इस दिशा में तैयारियों में हैं और जल्द ही टिकट कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। एयरलाइंस के अधिकारी कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यह प्रभाव और ज्यादा नजर आएगा, क्योंकि लंबी दूरी तय करने के लिए अतिरिक्त ईंधन की जरूरत पड़ेगी।
एक यात्री ने कहा, “हमारे लिए यह अचानक महंगी हुई उड़ान की समस्या बन गई है। अगर ये कीमतें लगातार बढ़ती रही, तो यात्रा पर खर्चा बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा।” वहीं, पर्यटन और ट्रैवल इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह स्थिति देश में पर्यटन को प्रभावित कर सकती है। घरेलू पर्यटक और अंतरराष्ट्रीय यात्री दोनों ही महंगी उड़ानों के चलते यात्रा करने में हिचकिचा सकते हैं।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि एयरलाइन कंपनियां इस समय यात्रियों को आवश्यक जानकारी दें और सरकार अंतरराष्ट्रीय तेल संकट और सुरक्षा के मद्देनजर कोई स्थायी योजना बना सकती है। एयर ट्रैवल महंगा होने के बावजूद लोग काम, शिक्षा और पर्यटन के लिए मजबूरन यात्रा करते रहेंगे, लेकिन खर्चों में यह वृद्धि उनके लिए चिंता का कारण बनी है।
इस प्रकार, ईरान-इस्राइल युद्ध और खाड़ी क्षेत्र में बने तनाव ने हवाई सफर को महंगा कर दिया है। लखनऊ समेत पूरे देश में घरेलू फ्लाइट्स पर 399 रुपये का अतिरिक्त सरचार्ज लागू हो चुका है, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 1200 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। विशेषज्ञ और अधिकारी दोनों ही इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि टिकट बुकिंग से पहले सभी अतिरिक्त शुल्क और सुरक्षा संबंधित जानकारी ध्यान से लें।
