फर्रुखाबाद। शहर के सेंट्रल जेल चौराहे के पास स्थित सन लाइब्रेरी सेल्फ स्टडी प्वाइंट कोचिंग सेंटर में शनिवार दोपहर लगभग तीन बजे भीषण धमाका हो गया। विस्फोट इतना जोरदार था कि एक किलोमीटर तक आसपास के भवन हिल गए। धमाके में दो छात्रों की मौत हो गई, जबकि नौ छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर डीएम, एसपी समेत कई अधिकारी पहुंचकर राहत कार्यों में जुट गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका कोचिंग सेंटर के गेट के पास हुआ, जिससे पूरी इमारत की दीवारें और स्लैब उड़ गए। भवन का मलबा 200 मीटर तक बिखर गया, और बाहर खड़ी कई बाइकें व साइकिलें दूर जा गिरीं। हादसे के वक्त कोचिंग में 50 से अधिक छात्र मौजूद थे, जिससे भगदड़ मच गई।

मृतकों की पहचान
धमाके में दो छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में आकाश सक्सेना (24) और आकाश कश्यप (22) शामिल हैं। आकाश सक्सेना का शव कोचिंग सेंटर के बाहर मिला, जबकि आकाश कश्यप का शव 50 मीटर दूर एक गड्ढे में मिला। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनके शरीर के अंग बिखर गए।
घायल छात्रों का इलाज जारी
घायलों में विवेक यादव के पुत्र वेदांत (12) को गंभीर स्थिति में कानपुर रेफर किया गया है। अन्य घायलों में पीयूष यादव (12), निखिल यादव (9), अंशिका गुप्ता (11), अभय (10), तथा दो सगे भाई अंशुल यादव (14) व आयुष यादव (13) शामिल हैं। सभी का इलाज फर्रुखाबाद के निजी अस्पतालों और लोहिया अस्पताल में चल रहा है।

संभावित कारणों पर जांच जारी
धमाके के बाद पूरे इलाके में बारूद जैसी तेज दुर्गंध फैल गई, जिससे अवैध पटाखा भंडारण की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में मीथेन गैस रिसाव को विस्फोट का कारण माना जा रहा है।
डीएम फर्रुखाबाद ने बताया कि फॉरेंसिक टीम को बुलाकर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और हर संभावित कारण की जांच की जा रही है।
धमाके से दहला इलाका
विस्फोट के बाद कोचिंग सेंटर और आसपास के क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। आसपास के लोग अपनी इमारतों से बाहर निकल आए। धुएं का बड़ा गुबार आसमान में उठता दिखा, जबकि कोचिंग के शीशे, फर्नीचर और लोहे की जालियां पूरी तरह नष्ट हो गईं।
प्रशासन सतर्क, जांच जारी
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने क्षेत्र को सील कर दिया है। फॉरेंसिक और बम स्क्वॉड की टीमें मौके पर जांच कर रही हैं। डीएम और एसपी ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया और परिजनों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। फिलहाल प्रशासन जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह हादसा गैस रिसाव से हुआ या अवैध पटाखा भंडारण के कारण।
