बरेली : यूपी के बरेली देहात के बहेड़ी में स्थित एक इंटर कॉलेज के शिक्षक पर कांवड़ को लेकर टिप्पणी करने पर पर दर्ज एफआईआर अब एक संवैधानिक बहस का विषय बन गई है। एक वायरल वीडियो में उन्होंने छात्रों को पढ़ाई की अहमियत बताने के लिए कविता “ज्ञान का दीप जलाना” सुनाई थी। इसके बाद कुछ संगठनों की आपत्ति पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। लेकिन अब पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज़ (PUCL) ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन मानते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन देने के दौरान संजीव मेहरोत्रा, मोहम्मद फैसल, टी. डी. भास्कर, इंतिखाब हुसैन, कैलाश, राम सेवक, राजेश गंगवार सहित तमाम प्रमुख लोग शामिल थे।
एफआईआर तुरंत रद्द करने की मांग
PUCL ने FIR को तत्काल रद्द करने, स्वतंत्र जांच और शिक्षकों को कानूनी सुरक्षा देने की मांग की है। उन्होंने चेताया कि यदि नैतिक उद्देश्यों पर आधारित विचार भी अपराध माने जाने लगें, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक होगा। सीओ बहेड़ी अरूण कुमार सिंह ने बताया कि एक शिक्षक द्वारा कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राओं को इकट्ठा कर कविता पाठ के माध्यम से कांवड़ यात्रा के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस मामले में तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। विधिक कार्रवाई की जा रही है
