डीआईजी के निर्देश पर दर्ज हुई एफआईआर, पीड़ित ने पुलिस पर 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी देने का लगाया आरोप
बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में सिकंदराबाद कोतवाली में तैनात रहे तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक समेत सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट, रंगदारी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पीड़ित की शिकायत की जांच के बाद डीआईजी के निर्देश पर की गई।
डीआईजी से शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

सिकंदराबाद के मोहल्ला रिसालदारान निवासी सलमान पुत्र हनीफ ने डीआईजी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि 30 अप्रैल को पुलिस ने उसे गुलावठी टोल प्लाजा से जबरन उठाकर थाने ले गई। वहां उससे कथित तौर पर 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।
एनडीपीएस केस में फंसाने और गोली मारने की धमकी का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके और उसके भतीजे के साथ मारपीट की तथा रुपये नहीं देने पर झूठे एनडीपीएस मामले में फंसाने और पैर में गोली मारने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, रात करीब तीन बजे छह लाख रुपये लेने के बाद ही दोनों को छोड़ा गया।
सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज मलिक, एसएसआई अरुण कुमार, कांस्टेबल योगेश और चार अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपहरण, रंगदारी, मारपीट, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
एसएसपी बोले- जांच के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच के बाद डीआईजी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब विवेचना के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
