ग्रामीण हादसे की जानकारी पाकर मौके पर
बरेली : यूपी के बरेली देहात के फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में गुरुवार को उस वक्त मातम छा गया, जब खेत की ओर जा रहे पिता-पुत्र की ट्रैक्टर पलटने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों कई घंटे तक ट्रैक्टर के नीचे दबे रहे, और जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं।
खेत पर गन्ना बोने जा रहे थे पिता-पुत्र
मिली जानकारी के मुताबिक, गांव पट्टी निवासी नंदप्रकाश (55 वर्ष) अपने बेटे सुमित (22 वर्ष) के साथ सुबह करीब 10:30 बजे ट्रैक्टर से खेत की ओर निकले थे। दोनों खेत पर गन्ना बोने जा रहे थे। रास्ते में जैसे ही ट्रैक्टर चकरोड मार्ग पर पहुंचा, वाहन अचानक अनियंत्रित होकर खाई में पलट गया। ट्रैक्टर में हैरो (खेती का औज़ार) भी जुड़ा हुआ था। जिसके नीचे दोनों बुरी तरह दब गए। हादसा इतना तेज था कि दोनों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
घंटों तक नहीं लगी किसी को भनक
जहां हादसा हुआ, वह रास्ता काफी सुनसान इलाका है। किसी को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी। कई घंटे बाद खेत की ओर जा रहे गांव के धर्मपाल ने सड़क किनारे पलटा हुआ ट्रैक्टर देखा। पास जाकर जब उन्होंने झांका, तो दोनों के शव नीचे दबे दिखाई दिए। इसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत दूसरे ट्रैक्टर की मदद से वाहन को सीधा किया, मगर तब तक पिता-पुत्र की मौत हो चुकी थी।
-इकलौते बेटे की मौत से टूटा परिवार
ग्रामीणों के मुताबिक, नंदप्रकाश मेहनती किसान थे। वे फतेहगंज पश्चिमी कस्बे के मोहल्ला अंसारी में रहते थे। उनका बेटा सुमित इकलौता था। जिसकी शादी की तैयारी घर में चल रही थी। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। गांव में हर आंख नम है और घर में मातम पसरा है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव भेजे पोस्टमॉर्टम को
घटना की जानकारी मिलते ही फतेहगंज पश्चिमी पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ट्रैक्टर के अनियंत्रण के कारण पलटने की पुष्टि हुई है। फिलहाल आगे की जांच जारी है। गांव में नंदप्रकाश और सुमित की मौत की खबर फैलते ही चारों ओर शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई इस हादसे को लेकर दुख और आक्रोश में है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पास में कोई मौजूद होता, तो शायद दोनों की जान बचाई जा सकती थी।
