कलेक्ट्रेट सभागार में पराली मुक्त अभियान की समीक्षा बैठक करते बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह।
जिलाधिकारी बोले-पराली जलाना समाधान नहीं, बल्कि समस्या को बढ़ाने वाला कदम है”
बरेली : जिलाधिकारी (डीएम) अविनाश सिंह ने कहा है कि जनपद में अब किसी भी कीमत पर पराली जलाने की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगर कहीं भी पराली या कृषि अपशिष्ट जलाने की घटना सामने आती है, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक

डीएम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पराली एवं कृषि अपशिष्ट जलाने की रोकथाम हेतु गठित समिति की बैठक देर शाम सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूर्णिमा सिंह, जिला कृषि अधिकारी, सभी उप जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने पराली जलाने की रोकथाम से जुड़े सभी बिंदुओं पर गहन समीक्षा की।उन्होंने कहा कि “पराली जलाना समाधान नहीं बल्कि समस्या को बढ़ाने वाला कदम है।” यह न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि वायु प्रदूषण को भी बढ़ाता है और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
किसानों को जागरूक करने के निर्देश

डीएम ने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए वैकल्पिक उपायों को अपनाने हेतु प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को डिम्पोजर और अन्य वैकल्पिक संसाधन आसानी से उपलब्ध कराए जाएं, जिससे वे खेतों में पराली मिलाकर भूमि की उर्वरता बढ़ा सकें।
सेटेलाइट से निगरानी, घटना पर तुरंत कार्रवाई
डीएम ने कहा कि सेटेलाइट के माध्यम से पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी की जाएगी। यदि किसी भी क्षेत्र में पराली जलाने की गतिविधि दर्ज की जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ तुरंत कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी घटना स्थानीय स्तर पर रोकी जाए।
जनजागरूकता अभियान होगा तेज

पराली प्रबंधन के लिए जनजागरूकता को मुख्य हथियार बताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गांवों में चौपाल, प्रचार वाहन, पोस्टर -बैनर और सोशल मीडिया अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को यह समझाना जरूरी है कि पराली जलाना खेतों की उर्वरता और पर्यावरण दोनों के लिए नुकसानदेह है।
समन्वय से मिलेगी सफलता
डीएम ने निर्देश दिए कि सभी विभाग मिलकर एकजुटता से कार्य करें,ताकि बरेली को ‘पराली जलाने से मुक्त जनपद’ बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब प्रशासन, कृषि विभाग और किसान—तीनों मिलकर जिम्मेदारी निभाएं। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूर्णिमा सिंह, जिला कृषि अधिकारी, सभी उप जिलाधिकारी, और संबंधित विभागों के अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।
