बरेली : एक धर्म गुरु के बयान को लेकर बरेली में गुरुवार को माहौल गर्म हो गया। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बरेली कॉलेज चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन कर धर्मगुरु का पुतला फूंका और सरकार से मांग की कि उनके “विवादित और भड़काऊ” बयानों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
जानें क्या है पूरा मामला?
विहिप का आरोप है कि धर्मगुरु ने हाल ही में भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में वंदे मातरम्,सनातन धर्म, और न्यायपालिका को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कीं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनके कथन “समाज में तनाव बढ़ाने वाले और समुदाय विशेष को उकसाने वाले” थे। संगठनों का कहना है कि ऐसे वक्तव्य देश की एकता और शांति के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
न्यायपालिका पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद
विहिप और बजरंग दल के नेताओं का कहना है कि धर्मगुरु ने धर्मस्थलों पर आए अदालती फैसलों को “पक्षपाती” बताते हुए न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठाने की कोशिश की। उनके अनुसार यह “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण” है और इससे कानून-व्यवस्था पर आम नागरिकों का भरोसा कमजोर हो सकता है।बजरंग दल महानगर संयोजक केवला नन्द गौड़ ने कहा- “वंदे मातरम हमारा राष्ट्रगीत है। इसे लेकर विवाद खड़ा करना या न्यायपालिका पर सरकारी दबाव का आरोप लगाना बेहद गंभीर है। सरकार को तुरंत इस पर संज्ञान लेना चाहिए।”
धार्मिक संगठन पर भी आरोप
विहिप नेताओं ने आरोप लगाया कि धार्मिक संगठन की कुछ गतिविधियाँ
“ऐसे तत्वों को बल देती हैं जो संवेदनशील मामलों में सामाजिक तनाव पैदा करते हैं।”हालाँकि, इस आरोप पर संगठन की ओर से बरेली या प्रदेश स्तर पर कोई आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बरेली कॉलेज चौराहे पर जमा हुए। इसके बाद धार्मिक गुरु का पुतला फूंककर नारेबाजी की।
