बरेली : बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्लांट में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मामले में मारे गए एचपीसीएल के असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा, जो पीलीभीत के पूरनपुर के रहने वाले थे। उनके परिजनों से मिलने और घटना की जानकारी लेने के लिए कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पूरनपुर जाने वाला था। मगर, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कई नेताओं को रास्ते में ही रोक दिया।
बरेली में डॉ. केबी त्रिपाठी को घर पर ही रोका गया

बरेली में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व महापौर प्रत्याशी डॉ. केबी त्रिपाठी ‘गुरुजी’ को शनिवार सुबह पुलिस ने उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया। जानकारी के मुताबिक, कोतवाली पुलिस सुबह उनके आवास पर पहुंची और उन्हें बाहर जाने से मना कर दिया। काफी देर तक पुलिस और नेताओं के बीच बातचीत और बहस भी हुई, लेकिन प्रशासन ने उन्हें पूरनपुर जाने की अनुमति नहीं दी।
अजय राय के निर्देश पर बन रहा था प्रतिनिधिमंडल
बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय के निर्देश पर पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पूरनपुर जाकर मृतक हर्षित मिश्रा के परिजनों से मुलाकात करने वाला था। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य परिवार को सांत्वना देने के साथ-साथ पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेना था। जैसे ही इस कार्यक्रम की सूचना प्रशासन को मिली, पुलिस ने कई नेताओं को उनके घरों पर ही रोक दिया।
कांग्रेस का आरोप सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही
डॉ. केबी त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम प्लांट के अंदर ही हर्षित मिश्रा और उनके साथी की हत्या हो गई, जबकि कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस को संभावित खतरे की सूचना दी थी। इसके बावजूद उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई। डॉ. त्रिपाठी का कहना है कि जब कांग्रेस नेता पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, तो उन्हें घरों में ही रोक दिया गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
