बरेली : यूपी के बरेली के संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में गुरुवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अचानक हुई छापेमारी से हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पहुंचे डीएम को देखते ही वर्षों से परिसर में सक्रिय दलालों में अफरा-तफरी मच गई। कई दलाल मौके से भाग निकले, जबकि प्रशासन ने परिसर के बाहर लगे उनके अस्थायी खोमचे और अड्डों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें हटवा दिया।
अवैध वसूली की शिकायतों पर एक्शन
आरटीओ कार्यालय में लंबे समय से ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों की फिटनेस के नाम पर दलालों द्वारा अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। बताया जाता है कि आम लोगों से लाइसेंस बनवाने के लिए हजारों रुपये तक वसूले जा रहे थे। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने अचानक छापा मारकर पूरे परिसर की जांच कराई।
गेट बंद कर शुरू हुई जांच
छापेमारी के दौरान सबसे पहले आरटीओ कार्यालय के सभी गेट बंद करवा दिए गए। इसके बाद परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ की गई और उनके दस्तावेजों की जांच की गई। जिन लोगों के कागजात सही पाए गए, उन्हें जाने दिया गया, जबकि संदिग्ध लोगों से अलग से पूछताछ की गई।
दीवार फांदकर भागे दलाल
अचानक हुई कार्रवाई से दलालों में भगदड़ मच गई। पकड़े जाने के डर से कई लोग दीवार फांदकर भागते नजर आए। प्रशासन की टीम जब तक उनके ठिकानों तक पहुंचती, उससे पहले ही अधिकांश दलाल मौके से फरार हो चुके थे।
10 हजार में बन रहा था लाइसेंस
आरोप है कि आरटीओ परिसर में सक्रिय दलाल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर लोगों से करीब 10 हजार रुपये तक वसूल रहे थे, जबकि इसकी सरकारी फीस मात्र 1350 रुपये है। इसके अलावा वाहनों की फिटनेस कराने के लिए भी करीब तीन हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही थी, जिससे आम जनता परेशान थी।
कर्मचारियों को दी गई सख्त चेतावनी
छापेमारी के दौरान डीएम ने आरटीओ कर्मचारियों और बाबुओं को सख्त निर्देश दिए कि वे केवल जनता का काम करें, दलालों का नहीं। साथ ही कार्यालय परिसर को दलालों से पूरी तरह मुक्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। अब कार्यालय में काम कराने आने वाले लोगों को पहचान के लिए आधार कार्ड दिखाना होगा।
जानें क्या बोले एआरटीओ
इस संबंध में एआरटीओ पीके सरोज ने मीडिया को बताया कि आरटीओ में दलालों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब परिसर में दलालों को किसी भी हाल में जगह नहीं दी जाएगी और जनता के काम पारदर्शी तरीके से कराए जाएंगे।
