एडीजे तबरेज अहमद की अदालत ने सुनाई सजा, फायरिंग और अवैध हथियार रखने में भी दोषी करार
बरेली : यूपी के बरेली देहात के भमोरा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्याकांड में न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 5 विशेष न्यायधीश गैंगस्टर एडीजे तबरेज अहमद ने आरोपी वेदपाल को दोषी ठहराते आजीवन कारावास (उम्रकैद) और 50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला गांव ब्रह्मपुर का है, जहां प्रधान रमेश कुमार के छोटे भाई जण्डैल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना 24 जून 2017 की है, जब जण्डैल सिंह अपने खेत की मेड़ बांधने गए थे। उस वक्त गांव के ही वेदपाल, सूरजपाल और दौलत सिंह ने विरोध किया। जण्डैल सिंह का वेदपाल से विवाद हुआ और आरोप है कि वेदपाल सिंह ने तमंचे से सीने में गोली मार दी, जिससे जण्डैल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी।
जांच में अकेला दोषी निकला वेदपाल


पुलिस जांच के दौरान शुरुआती तौर पर कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए थे, लेकिन विवेचना में वे निर्दोष पाए गए। पूरे मामले में वेदपाल की भूमिका पुख्ता तौर पर साबित हुई। बाद में पुलिस ने आरोपी के पास से अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस भी बरामद किए थे, जिस पर आर्म्स एक्ट के तहत अलग मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले की जांच (विवेचना) तत्कालीन एसओ जावेद खान ने की थी।
अदालत ने सुनाई उम्रकैद और अन्य सजाएं
मामले की सुनवाई एडीजे तबरेज अहमद की अदालत में हुई। पीड़ित की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिगंबर पटेल और मनोज बाजपेई, और आरोपी (अभियुक्त) की तरफ से न्याय मित्र (चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल बालेश मिश्रा ने पैरवी की। गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने वेदपाल को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा हत्या के प्रयास के मामले में उसे 5 साल की सजा और 10 हजार जुर्माना भी लगाया गया। अवैध हथियार रखने के केस में एक साल की सश्रम कारावास और 1000 का अर्थदंड डाला गया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
पीड़ित परिवार को मिलेगा मुआवजा
अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की पूरी रकम मृतक जण्डैल सिंह की पत्नी और बच्चों को दी जाए। इसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सरकारी मुआवजे की प्रक्रिया तय करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
