बरेली : यूपी के बरेली में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जिले में।इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक कॉरिडोर (IMLC) विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इस परियोजना के लिए करीब 1000 हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर क्रय/अर्जन करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस संबंध में डीएम अविनाश सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में बैठक की। बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक)/विशेष भूमि अध्यापति अधिकारी देश दीपक सिंह भी मौजूद रहे और परियोजना से जुड़ी तैयारियों की अपर जिलाधिकारी समीक्षा की गई।देश दीपक सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का 9 जनवरी 2026 का पत्र प्राप्त हुआ है। जिसमें बरेली में औद्योगिक गलियारा विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है।
1000 हेक्टेयर जमीन चिन्हित करने के निर्देश
डीएम ने जनपद के सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिए हैं कि वे औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए करीब 1000 हेक्टेयर उपयुक्त भूमि चिन्हित करें। भूमि चयन के लिए कुछ प्रमुख मानक तय किए गए हैं।इसके अनुसार भूमि एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग या प्रमुख मार्गों के पास हो, जहां से आवागमन और लॉजिस्टिक्स संचालन सुचारु रूप से हो सके।जलभराव या जलमग्न होने की स्थिति न हो। भूमि का अधिग्रहण या क्रय सुविधाजनक हो, और वहां घनी आबादी न हो। भूमि नहर, हाईटेंशन लाइन या अन्य बाधाओं से मुक्त हो।
उद्योग और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
अधिकारियों के अनुसार औद्योगिक गलियारा बनने के बाद बरेली और पूरे उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। इससे बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित होंगे और निवेश बढ़ेगा।
रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
परियोजना के तहत विकसित होने वाले औद्योगिक क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों की स्थापना होगी। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। लॉजिस्टिक्स व्यवस्था अधिक कुशल और तेज बनेगी। उद्योगों को बिजली, पानी और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ तैयार जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों को भी मिलेगा फायदा
अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। जिससे स्थानीय स्तर पर व्यापार, रोजगार और विकास को बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना बरेली को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम साबित होगी।
