बरेली : शहर में एलपीजी गैस की ओवररेटिंग और कालाबाजारी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। सीएम के निर्देश के बाद डीएम ने छापेमारी की। जिला प्रशासन की टीम ने शहर की कई गैस एजेंसियों पर औचक निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने यह भी देखा कि कहीं उपभोक्ताओं से तय कीमत से ज्यादा पैसे तो नहीं लिए जा रहे और गैस की सप्लाई सही तरीके से हो रही है या नहीं।
डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर हुआ निरीक्षण
डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने शहर के अलग -अलग इलाकों में संचालित गैस एजेंसियों की जांच की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने एजेंसी पर मौजूद ग्राहकों से बातचीत कर गैस की उपलब्धता, डिलीवरी और एजेंसी के व्यवहार के बारे में जानकारी ली। साथ ही प्रेम नगर और बारादरी थाना क्षेत्र में भी एजेंसियों की व्यवस्था को लेकर जांच की गई।
एजेंसी और गोदाम दोनों की जांच
निरीक्षण के दौरान शहामतगंज स्थित लता इंडेन गैस, शहामतगंज की मलका इंडियन गैस सर्विस और हार्टमैन रोड की रुहेलखंड इंडेन गैस एजेंसी की जांच की गई।अधिकारियों ने एजेंसी कार्यालय के साथ-साथ उनके गोदामों का भी निरीक्षण किया और वहां मौजूद सिलेंडरों के स्टॉक का ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलान कराया। जांच में ज्यादातर जगह स्टॉक सही पाया गया, लेकिन लता इंडेन गैस के गोदाम पर स्टॉक रजिस्टर ठीक से भरा नहीं मिला। इस पर एजेंसी संचालक को नोटिस जारी करने की बात कही गई है।
उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी के निर्देश
अधिकारियों ने एजेंसी मालिकों और मैनेजरों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं के बीच गैस की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की गलतफहमी न फैले और बुकिंग के बाद सिलेंडर की डिलीवरी समय पर घर तक पहुंचाई जाए। प्रशासन ने साफ किया है कि अगर किसी एजेंसी के खिलाफ ओवररेटिंग या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान एडीएम संतोष कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह और आपूर्ति लिपिक आशीष कुमार भी मौजूद रहे।
