एसपी चीफ बोले- किसानों के नाम पर सरकार विफल!सब विदेशी होगा तो किसान क्या उगाएगा, वाराणसी में मूर्ति और मंदिर तोड़े गए

विकसित भारत का सपना, लेकिन बजट में विजन गायब, न्याय नहीं, भेदभाव करती है बीजेपी, 2047 का रोडमैप नहीं दिखता इस बजट में
नई दिल्ली : लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।उन्होंने बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा कि इसमें गरीब, किसान, मजदूर, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के लिए कोई ठोस विजन नहीं दिखता। अखिलेश यादव ने अमेरिका से हुई ट्रेड डील पर सवाल उठाते हुए कहा कि बजट से पहले और बाद में देश भर में उसी डील की चर्चा हो रही है। उन्होंने कटाक्ष किया “यह डील नहीं, ढील है। देश जानना चाहता है कि पहले डील बनी या पहले बजट। 18 बड़ा है या जीरो?”
बीजेपी न्याय नहीं, भेदभाव करती है :अखिलेश यादव
सपा प्रमुख ने कहा कि बीजेपी सरकार न्याय देने के बजाय भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा“बीजेपी न्याय दिलाने में भेदभाव करती है।यह न्याय नहीं, चयनात्मक कार्रवाई है।” अखिलेश यादव ने दावा किया कि कानून और संविधान होते हुए भी देश में असमानता और अन्याय बढ़ रहा है।
सब विदेशी होगा तो किसान क्या उगाएगा?
किसानों के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि विदेशी आयात बढ़ने से देश का किसान सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। उन्होंने सवाल किया “जब सब कुछ विदेश से आएगा तो हमारा किसान भारत में क्या उगाएगा? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब तक किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी नहीं दे सकी और बजट में किसानों के लिए कोई भरोसेमंद रोडमैप नहीं है।
‘भाजपा का बजट सिर्फ 5 प्रतिशत लोगों के लिए’
बजट पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा “हम भाजपा के हर बजट को 1/20 का बजट मानते हैं, क्योंकि यह सिर्फ 5 प्रतिशत लोगों के लिए होता है।” उन्होंने कहा कि लगातार बजट आने के बावजूद देश की पर कैपिटा इनकम नहीं बढ़ रही और सरकार को यह बताना चाहिए कि फ्री राशन लेने वालों की आमदनी में कितना इजाफा हुआ।
पिछड़ेपन को दूर करने का कोई विजन नहीं
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि इस बजट में सामाजिक और आर्थिक बराबरी का कोई खाका नहीं है। उन्होंने कहा“अगर पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यकों को छोड़ देंगे, तो विकसित भारत कैसे बनेगा?”उनका आरोप था कि ‘पीडीए’ वर्ग के लिए बजट में कुछ भी ठोस नहीं है।
इलाज नहीं, दवाई नहीं
स्वास्थ्य सेवाओं पर बोलते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि “हॉस्पिटलों में इलाज नहीं है, दवाई नहीं है, ऑपरेशन के लिए लोगों को भटकना पड़ता है।”उन्होंने दावा किया कि जमीनी हकीकत सरकार के दावों से बिल्कुल अलग है। अखिलेश यादव ने वाराणसी का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि राजमाता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति को बुलडोजर से गिराया गया और मणिकर्णिका घाट क्षेत्र में करीब 100 मंदिरों को तोड़ा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नेपाल नरेश द्वारा भेंट किया गया घंटा भी लापता है।
चुनाव के लिए भाजपा कुछ भी कर सकती है
अयोध्या के एक फर्जी मामले का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनावी फायदे के लिए एक बुजुर्ग को महीनों तक जेल में रखा गया। उन्होंने कहा“भाजपा चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।”अपने भाषण के अंत में अखिलेश यादव ने शायराना अंदाज में सरकार पर तंज कसते हुए कहा “क्यों झूठे ख्यालों में दिन-रात करें, जो बनाते हवा में बातों के महल, उनसे कुछ जमीनी बात करें।”उन्होंने कहा कि यह बजट 2047 के विकसित भारत का रास्ता नहीं दिखाता और किसान-मजदूर आज भी बजट में अपने हिस्से की राहत “दूरबीन से देख रहे हैं।”
