हुसैनाबाद ट्रस्ट के ज़िम्मे ऐतिहासिक परंपरा, पूरी तैयारी के साथ शाही ज़री का जुलूस होगा रवाना
लखनऊ : यूपी की राजधानी लखनऊ की तहज़ीब, मातम और मुहर्रम की परंपरा एक बार फिर अपने रिवायती अंदाज़ में दिखाई देगी। 10 मुहर्रम को हर साल की तरह इस वर्ष भी लखनऊ का क़दीमी और ऐतिहासिक जुलूस सुबह 6 बजे पूरी शान -ओ- शौकत और श्रद्धा के साथ निकाला जाएगा। इस जुलूस की ज़िम्मेदारी हुसैनाबाद ट्रस्ट निभा रहा है। जिसकी तैयारियाँ अब पूरी हो चुकी हैं। शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और ट्रस्ट दोनों सक्रिय हैं।
यह है जुलूस का रूट
शाहनजफ़ इमामबाड़ा (हज़रतगंज) से यह जुलूस बरामद होगा और इन स्थानों से गुजरता हुआ करबला मलका अफ़ाक़ (गार वाली करबला) तक पहुंचेगा। इसमें नेशनल पी.जी. कॉलेज, होटल क्लार्क अवध, ग्लोब पार्क चौराहा, शहीद स्मारक, दरियावाली मस्जिद, पक्का पुल करबला पहुंचने पर शाही ज़री को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा और इसके साथ ही जुलूस का समापन होगा। इस जुलूस की रिवायती शान हाथी, ऊँट, जुलजनाह और मातमी धुनें इस बार भी जुलूस की शोभा बढ़ाने के लिए हाथी, ऊँट, जुलजनाह, और रिवायती बैंड-बाजे शामिल रहेंगे। बैंड दल मुहर्रम की ग़मगीन फिजा में मातमी धुनें पेश करेंगे, जो इस जुलूस की रूहानी गंभीरता को और बढ़ाएंगी।
प्रशासन की सुरक्षा और ट्रैफिक प्लानिंग
हुसैनाबाद ट्रस्ट के प्रभारी ने बताया कि जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने की पूरी तैयारियाँ कर ली गई हैं, तो वहीं लखनऊ पुलिस और प्रशासन द्वारा विशेष सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक रूट डायवर्जन और भीड़ नियंत्रण की योजना पर भी अमल हो रहा है। जुलूस में शामिल सभी अकीदतमंदों से शांतिपूर्ण भागीदारी की अपील की गई है। प्रशासन द्वारा कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी। सुरक्षा कर्मियों और वालंटियर्स की मदद से भीड़ का नियंत्रण किया जाएगा।
