जन्मदिन की रात टीएमसी-बीजेपी समर्थकों में झड़प, दिलीप घोष ने किया पलटवार
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने आवास के बाहर हुई झड़प को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि पिछले छह महीनों में उनकी जान लेने की यह सातवीं कोशिश है। शनिवार सुबह उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना से जुड़े वीडियो साझा कर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं, बीजेपी नेता दिलीप घोष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
आवास के बाहर हुई झड़प
जानकारी के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी के जन्मदिन की रात दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित उनके आवास के बाहर टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि रात करीब 2:30 बजे कुछ बीजेपी समर्थकों ने चोर-चोर के नारे लगाए और अभिषेक बनर्जी के कटआउट व बैनर तोड़ दिए। इसका विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसमें कई टीएमसी समर्थकों के घायल होने का दावा किया गया। इसके बाद अभिषेक बनर्जी अपने घर से नीचे उतर आए। आरोप है कि इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गाय चोर के नारे लगाए। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच आमने-सामने नारेबाजी हुई। बताया गया कि अभिषेक रात करीब 2:45 बजे से सुबह 6 बजे तक अपने आवास के बाहर बैठे रहे।
दिलीप घोष ने आरोप खारिज किए
बीजेपी नेता दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि अभिषेक लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। तंज कसते हुए उन्होंने सवाल किया कि अभिषेक बनर्जी को मारने के लिए किसके पास समय है। दिलीप घोष ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी नेता का जन्मदिन फुटपाथ पर मनाया जा रहा है। अगर कोई हंगामा करेगा तो विरोध होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि अभिषेक के पास कहने या करने के लिए कुछ नहीं बचा है, इसलिए वह इस मुद्दे को उठाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
पुलिस पर रेकी का आरोप
अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पुलिस पर अपने कार्यालय और आवास के आसपास जासूसी कराने का आरोप लगाया था। उनका दावा था कि कुछ अनजान लोग पिछले कई दिनों से उनके कार्यालय और घर की निगरानी कर रहे थे। पूछताछ करने पर उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया था। अभिषेक ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय गृह मंत्रालय से मामले का संज्ञान लेने की मांग की थी। उन्होंने संदिग्ध लोगों की पहचान और कथित निगरानी के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए जांच कराने की अपील भी की थी।
पुराने हमले का भी किया जिक्र
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि रेकी से जुड़ा वीडियो जारी करने के कुछ ही समय बाद रात दो बजे उनके घर पर हमला किया गया। उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में घटना होने और न्यायपालिका की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मई में सोनारपुर में हुई घटना का भी जिक्र किया, जिसमें उनके ऊपर अंडे और पत्थर फेंके जाने का आरोप लगा था। अभिषेक ने उस घटना को भी पहले से सुनियोजित हमला बताया था। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
अर्जुन सिंह ने भी किया था दावा
इससे पहले पश्चिम बंगाल के ट्रांसपोर्ट मंत्री अर्जुन सिंह ने दावा किया था कि अभिषेक बनर्जी से जुड़ा एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया गया है, जिसमें करीब 150 से अधिक लोग शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि इस ग्रुप के जरिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और उनकी आवाजाही की वीडियो व तस्वीरें जुटाई जा रही हैं। इस तरह पश्चिम बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कोलकाता में अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर हुई ताजा झड़प ने दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव को फिर चर्चा में ला दिया है।
