कृषि कारोबार और निजी कर्ज चुकाने के नाम पर लिए 2,29,95,720 रुपये, 39 लाख से अधिक का चेक लौटाने के बजाय बैंक में लगाया; एसएसपी के आदेश पर इज्जतनगर पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
बरेली: 45 साल पुराने पारिवारिक संबंध और भरोसे की आड़ में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। एक डॉक्टर ने दूसरे डॉक्टर से कृषि कारोबार और निजी कर्ज चुकाने के नाम पर 2 करोड़ 29 लाख 95 हजार 720 रुपये लेने का आरोप है। इसके अलावा 39 लाख 24 हजार 50 रुपये का चेक भी यह कहकर लिया गया कि काम पूरा होने के बाद उसे नष्ट कर दिया जाएगा। आरोप है कि चेक वापस मांगने पर उसे नष्ट करने का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में उसी चेक को बैंक में भुगतान के लिए लगा दिया गया। रकम वापस मांगने पर जान से मारकर टांडा के जंगल में फिंकवाने की धमकी देने का भी आरोप है। पीड़ित की शिकायत पर एसएसपी अनुराग आर्य के आदेश से इज्जतनगर पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
45 साल पुराने पारिवारिक संबंधों के भरोसे लिए करोड़ों रुपये
इज्जतनगर क्षेत्र के पीलीभीत बाईपास रोड स्थित सैफायर अपार्टमेंट निवासी डॉ. राजकुमार गुप्ता ने पुलिस को बताया कि रुद्रपुर निवासी डॉ. अजय अग्रवाल से उनके 45 साल से अधिक पुराने पारिवारिक संबंध हैं। इसी वजह से उन्हें आरोपी पर पूरा भरोसा था। आरोप है कि डॉ. अजय ने कृषि कारोबार और निजी कर्ज चुकाने की जरूरत बताकर अलग-अलग समय पर उनसे 2,29,95,720 रुपये ले लिए। पीड़ित के मुताबिक, यह रकम आईडीबीआई बैंक के खातों से आरटीजीएस और यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर की गई थी। करोड़ों रुपये लेने के बाद आरोपी ने रकम लौटाने में आनाकानी शुरू कर दी।
39 लाख का चेक नष्ट करने का दिया भरोसा, बैंक में लगाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, मई 2026 में आरोपी ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में चल रहे एक मामले का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय की फीस जमा करने के लिए कुछ समय की मदद मांगी। इसी बहाने डॉ. राजकुमार से 39 लाख 24 हजार 50 रुपये का चेक ले लिया। यह आईडीबीआई बैंक का चेक नंबर 365859 था। चेक पर ओवरराइटिंग होने के कारण आरोपी ने नया चेक देने को कहा। 27 मई को उसने पुराने चेक की तस्वीर खींचकर व्हाट्सऐप पर भेजी और 2 जून को संदेश भेजकर नया चेक मांगा। पीड़ित ने नया चेक देने से इनकार कर दिया और पुराना चेक वापस मांगा। आरोप है कि इस पर आरोपी ने भरोसा दिलाया कि ओवरराइटिंग वाला चेक फाड़कर नष्ट कर दिया गया है और अब वह उसके पास नहीं है। डॉ. राजकुमार ने आरोपी की बात पर विश्वास कर लिया, लेकिन 15 सितंबर 2026 को आईडीबीआई बैंक से मिले ईमेल ने उन्हें चौंका दिया। ईमेल में जानकारी मिली कि आरोपी ने उसी चेक को भुगतान के लिए बैंक में लगा दिया है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी का उन पर कोई बकाया या कानूनी दावा नहीं था।
रकम मांगने पर टांडा के जंगल में फिंकवाने की धमकी
पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने चेक के कथित दुरुपयोग का विरोध किया और अपनी 2.29 करोड़ रुपये से अधिक की रकम वापस मांगी तो आरोपी गाली-गलौज करने लगा। आरोप है कि उसने दोबारा रुपये या चेक की बात करने पर जान से मारकर टांडा के जंगल में फिंकवा देने की धमकी दी। डॉ. राजकुमार के मुताबिक, आरोपी के साथ हुई व्हाट्सऐप बातचीत और बैंक से जुड़े दस्तावेज उनके पास सुरक्षित हैं। उन्होंने इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस से कार्रवाई की मांग की। इसके बाद उन्होंने एसएसपी अनुराग आर्य से शिकायत की। एसएसपी के आदेश पर इज्जतनगर पुलिस ने डॉ. अजय अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अब पुलिस बैंक लेनदेन, चेक और व्हाट्सऐप बातचीत से जुड़े साक्ष्यों की जांच करेगी। मामले में आरोपी का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
