पूरनपुर में बाइक से ले जाए जा रहे स्पासमो के 27 कार्टन पकड़े गए, गोदाम पर छापे में मिला 43 गत्तों में प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा; मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में नशीली दवाओं की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़े कथित नेटवर्क का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, पूरनपुर में एक युवक को बाइक पर गत्ते ले जाते समय पकड़ा गया। तलाशी में स्पासमो कैप्सूल के 27 कार्टन मिले। पूछताछ के बाद पुलिस ने मंडी गेट के सामने एक दो मंजिला मकान में बने गोदाम पर छापा मारा, जहां बड़ी मात्रा में दवाएं बरामद हुईं। मामले में तारिक खान का नाम सामने आया है, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दवाओं की आपूर्ति किन जिलों, राज्यों और सीमावर्ती क्षेत्रों तक की जा रही थी।
बाइक से ले जाए जा रहे 27 कार्टन पकड़े, गोदाम में मिला दवाओं का जखीरा
पुलिस के अनुसार, पूरनपुर कोतवाली पुलिस ने मंडी के पास बाइक पर गत्ता बांधकर ले जा रहे दानिश नाम के युवक को पकड़ा। तलाशी के दौरान स्पासमो के 27 कार्टन मिले। प्रत्येक कार्टन में 240 कैप्सूल बताए गए हैं। पुलिस को दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित कोई अभिलेख नहीं मिला। पूछताछ में दानिश ने बताया कि उसके बड़े भाई तारिक खान ने गोदाम से गत्ता माधोटांडा मेडिकल स्टोर पहुंचाने के लिए कहा था। इसके बाद पुलिस ने मंडी गेट संख्या-1 के सामने वाली गली में स्थित दो मंजिला मकान के गोदाम पर छापा मारा। पुलिस के मुताबिक, गोदाम से स्पासमो और स्पासमेड नाम की दवाओं के 43 गत्ते बरामद हुए। इनमें डाइसाइक्लोमाइन एचसीएल, ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड और एसिटामिनोफेन युक्त कैप्सूल शामिल बताए गए हैं। बरामद दवाओं की मात्रा और बैच की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों के पास दवाओं के भंडारण, खरीद और बिक्री से संबंधित वैध लाइसेंस नहीं मिले हैं।
चाचा के मेडिकल स्टोर पर काम करने से जुड़ा है पुराना मामला
पुलिस के मुताबिक, तारिक पहले माधोटांडा में अपने चाचा साजिद के भारत मेडिकल स्टोर पर काम करता था। वहां पहले भी छापे पड़ने और स्टोर सील होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, एक कार्रवाई के दौरान स्टोर से बड़ी मात्रा में नारकोटिक्स श्रेणी की दवाएं मिलने के बाद साजिद को जेल भेजा गया था। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तारिक ने कथित तौर पर इस कारोबार को कब और कैसे शुरू किया तथा इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर दुकानों, महंगे भूखंडों और बैंक खातों में बड़ी रकम होने की चर्चाओं की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इन संपत्तियों और कथित अवैध कारोबार के बीच संबंध की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
नेपाल, पंजाब और उत्तराखंड तक नेटवर्क की जांच
पुलिस को आशंका है कि नशीली दवाओं की कथित आपूर्ति पूरनपुर और माधोटांडा के अलावा नेपाल, पंजाब और उत्तराखंड तक हो सकती है। बरामद दवाओं की खरीद के स्रोत, आपूर्ति करने वालों और संभावित खरीदारों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के मुताबिक, पुलिस यह पता लगा रही है कि दवाओं की आपूर्ति किन जिलों और राज्यों में की जा रही थी। औषधि विभाग की टीम दवाओं के बैच की जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं कहां से खरीदी गईं और उनकी आपूर्ति कहां की जानी थी। फिलहाल, पुलिस मुख्य आरोपी तारिक खान की तलाश और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। बरामदगी और जांच से जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित जांच और कानूनी कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
रिपोर्टर: ऋतिक द्विवेदी
