राइस मिलरों पर प्रति क्विंटल दो किलो तक कटौती का आरोप, जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत: पूरनपुर में धान खरीद को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने राइस मिलरों पर किसानों के शोषण और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। संगठन ने धर्मकांटे और सीडी के नाम पर धान की तौल में कटौती तथा नमी मापक यंत्रों में गड़बड़ी किए जाने का दावा किया है। भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने पर घेराव और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
प्रति क्विंटल दो किलो तक कटौती का आरोप
भाकियू टिकैत की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ राइस मिलों में धर्मकांटे और सीडी के नाम पर किसानों के धान से प्रति क्विंटल दो किलो तक कटौती की जा रही है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि नमी मापक यंत्रों में कथित गड़बड़ी के जरिए किसानों के धान की कीमत प्रभावित की जा रही है। ज्ञापन में दावा किया गया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले धान को 1,500 से 1,900 रुपये प्रति क्विंटल तक की दर पर खरीदने की बात सामने आई है। संगठन ने केटी राइस मिल, छीना राइस मिल समेत अन्य मिलों के स्टॉक की जांच कराने की मांग की है।
मिलों के स्टॉक का मिलान कराने की मांग
किसान संगठन ने मांग की है कि सरकारी धान खरीद शुरू होने से पहले और खरीद शुरू होने के बाद राइस मिलों में मौजूद स्टॉक का मिलान कराया जाए। इसके साथ ही जांच कराकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है। शिकायत मिलने के बाद एसडीएम ने मंडी समिति स्थित धान खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों ने बारदाने की कमी और क्रय केंद्रों पर पर्याप्त जगह नहीं होने की समस्या को लेकर नाराजगी जताई। किसानों ने खरीद व्यवस्था में सुधार की मांग की।
दो दिन में व्यवस्था सुधारने के निर्देश
निरीक्षण के बाद एसडीएम ने संबंधित एमओ और मंडी सचिव को निर्देश दिए कि दो दिनों के भीतर रास्ते पर फैले धान की खरीद कर व्यवस्था दुरुस्त की जाए। भाकियू टिकैत ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और आरोपों की जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन एसडीएम और मंडी सचिव का घेराव करेगा। इसके साथ ही अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।
रिपोर्टर: ऋतिक द्विवेदी
