आंवला के पूर्व सांसद की सपा में वापसी से बरेली की राजनीति में हलचल,एसपी चीफ बोले-80 -20 नहीं, 90-10 में चुनाव, बेरोजगारी से लेकर मतदाता सूची तक भाजपा पर साधा निशाना
लखनऊ/बरेली : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी राजनीतिक गोलबंदी तेज कर दी है। मंगलवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी के साथ पार्टी में शामिल हो गए। वहीं, चंद्रशेखर आजाद के गठबंधन प्रस्ताव पर अखिलेश ने दोटूक जवाब देते हुए कहा कि सपा उनके बिना भी चुनाव जीत रही है। उन्होंने PDA, सामाजिक न्याय, बेरोजगारी, किसानों के भुगतान और मतदाता सूची के मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा।
धर्मेंद्र कश्यप की सपा में वापसी, बेटी ने भी ली सदस्यता
आंवला लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर 2014 और 2019 में सांसद चुने गए धर्मेंद्र कश्यप ने मंगलवार को फिर सपा का दामन थाम लिया। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें काफी कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। उनकी सपा में वापसी को बरेली और आंवला क्षेत्र की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। धर्मेंद्र कश्यप ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी से की थी। वर्ष 2002 में बसपा के टिकट पर विधायक बने और 2003 में समाजवादी पार्टी में शामिल होकर मुलायम सिंह यादव सरकार में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद में 2014 में भाजपा में शामिल होकर आंवला से लोकसभा चुनाव जीता। उन्होंने कुछ दिन पहले फेसबुक पर अचानक टाटा बाय-बाय लिखा था। इसके बाद अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उनकी सपा में वापसी की अटकलें लगाई जा रही थीं। धर्मेंद्र कश्यप का स्वागत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “धर्मेंद्र कश्यप जी के आने से पूरे उत्तर प्रदेश में PDA और सामाजिक न्याय की लड़ाई को और मजबूती मिलेगी।”इसके साथ कई चेयरमैन, प्रधान, ब्लॉक प्रमुख समेत तमाम प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
चंद्रशेखर आजाद के गठबंधन प्रस्ताव पर अखिलेश का जवाब
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा को हराने के लिए विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की थी। उनका कहना था कि अखिलेश यादव को सभी को साथ लेकर चलना होगा और दलों को उनका उचित राजनीतिक हिस्सा देना पड़ेगा।इस पर अखिलेश यादव ने कहा, “चंद्रशेखर आजाद से क्यों गठबंधन हो जाएगा? उनके बिना भी हम जीत रहे हैं।”उन्होंने चुनावी समीकरणों पर टिप्पणी करते हुए कहा, “इस बार 80-20 का नहीं, 90-10 का खेल है। जो पीड़ित हैं, वो 90 हैं।”अखिलेश ने बिना नाम लिए कुछ राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा, “हमें प्रीपेड पार्टियों से भी सावधान रहना पड़ेगा, उन दलों से भी सावधान रहना पड़ेगा जिनका ओटीपी कहीं और से आता है।”उनके इन बयानों से विपक्षी दलों के बीच गठबंधन और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।
मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया पर उठाए सवाल
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आगामी चुनाव को संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा, “ये चुनाव, देश को, संविधान को, लोकतंत्र को बचाने का चुनाव है।”मतदाता पहचान और मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि वोट और लोकतंत्र बचाने के लिए आधार से जोड़कर बायोमेट्रिक सत्यापन क्यों नहीं किया जा रहा है। एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में अखिलेश ने भाजपा, चुनाव आयोग और प्रशासन पर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने मतदाता सूची, मतदान के दौरान कथित अनियमितताओं और मतगणना को लेकर सवाल उठाए। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं। इसके साथ ही भाजपा के इशारे पर सियासत करने वालों पर भी इशारों – इशारों में तंज कसा।
बेरोजगारी और जनेश्वर मिश्र पार्क को लेकर भाजपा पर हमला
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बेरोजगारी के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश के युवा रोजगार के संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि युवा आगामी चुनाव में भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने में भूमिका निभाएंगे।लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पार्क को नुकसान पहुंचा रही है और पर्यावरण प्रेमियों में इसे लेकर नाराजगी है। उन्होंने पार्क में हो रहे बदलावों के वीडियो साझा कर रहे लोगों को ‘मेन स्ट्रीट मीडिया’ की ताकत बताया। पार्क को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का आरोप सपा अध्यक्ष का दावा है।
किसानों के भुगतान पर 24 घंटे में रकम दिलाने का वादा
किसानों के बकाया भुगतान को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, “मैं भरोसा दिलाता हूं किसान भाइयों को, समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी तो 24 घंटे में 162 करोड़ का आपका पेमेंट हो जाएगा।”हालांकि, इस दावे में संबंधित भुगतान, लाभार्थियों और बकाया राशि का पूरा संदर्भ स्पष्ट नहीं किया गया। इस दौरान पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव, पूर्व सांसद किरणमय नन्दा, सांसद नीरज मौर्य, पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव, पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी,विधायक शाहजिल इस्लाम, प्रदेश प्रवक्ता मुहम्मद साजिद समेत तमाम सपाई लोग मौजूद थे।
