दशहरा मेले में पटाखों की तेज आवाज से घबराकर उड़ गया पालतू तोता, बचपन से पाल रही डाली मौर्य को है उससे गहरा लगाव, शहर में पोस्टर लगाकर लोगों से मांगी मदद
बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली में एक पालतू तोते के लापता होने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अलखनाथ मंदिर के पास नीलकंठ कॉलोनी निवासी 18 वर्षीय डाली मौर्य अपने पालतू तोते ‘हरि’ की तलाश में जुटी हैं। दशहरा मेले के दौरान पटाखों की तेज आवाज से घबराकर उड़ गया उनका तोता अब तक नहीं मिल सका है। तोते से गहरा लगाव होने के कारण डाली उसकी गुमशुदगी से परेशान हैं। उन्होंने शहर में जगह-जगह पोस्टर लगवाकर लोगों से उसे खोजने में मदद की अपील की है। तोते की जानकारी देने वाले को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की गई है।
बचपन से था साथ, पिता की यादों से भी जुड़ा है तोता
डाली मौर्य ने मीडिया को बताया कि उनके पिता ही उनके लिए तोता लेकर आए थे। वह बचपन से ही हरि को पाल रही थीं। पिता के निधन के बाद तोता उनके लिए और भी खास बन गया। घर में भाई-बहनों का साथ नहीं होने के कारण हरि उनका करीबी साथी बन गया था। वह उससे बातें करती थीं और उसके साथ काफी समय बिताती थीं। डाली के अनुसार, हरि केवल एक पालतू पक्षी नहीं था, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह घर में रहता था। घर में किसी के आने पर वह आवाज लगाकर अपनी मौजूदगी का एहसास कराता था। उसकी आवाज और आदतें घर के माहौल का हिस्सा बन चुकी थीं।
दशहरा मेले में पटाखों से घबराकर उड़ गया हरि
डाली ने बताया कि दशहरा मेले के दौरान पटाखों की तेज आवाज से हरि घबरा गया और मोहल्ले में कहीं उड़ गया। इसके बाद से ही वह उसकी तलाश कर रही हैं।आसपास के इलाकों में खोजबीन के बावजूद अभी तक तोते का कोई पता नहीं चल सका है। हरि के लापता होने के बाद डाली ने लोगों से उसे खोजने में मदद करने की अपील की है। इसके लिए शहर में जगह-जगह पोस्टर भी लगवाए गए हैं। पोस्टरों के जरिए तोते की पहचान और उसे तलाशने में सहयोग करने की अपील की जा रही है। तोते की सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को 20 हजार रुपये का इनाम देने की पेशकश की गई है।
रोटी खाना पसंद था, चाय भी मांगता था तोता
डाली के मुताबिक, हरि की अपनी अलग-अलग आदतें थीं। उसे रोटी खाना पसंद था और वह अक्सर चाय भी मांगता था। हालांकि, मीठी चीजें खाने के बाद उसकी तबीयत खराब हो जाती थी। कुछ दिन पहले खुजली की शिकायत होने पर उसे भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था। वहां चिकित्सकों ने उसे मीठी चीजें देने से मना किया था। डाली को अपने तोते की पसंद-नापसंद और उसकी दिनचर्या तक याद है। यही वजह है कि उसके अचानक लापता होने से वह बेहद परेशान हैं।
हरि के लौटने की उम्मीद में कर रही हैं इंतजार
डाली का कहना है कि तोते के लापता होने से वह इतनी दुखी हैं कि उन्होंने खाना तक छोड़ दिया है। वह लगातार उसके लौटने का इंतजार कर रही हैं और लोगों से उसे खोजने में मदद करने की अपील कर रही हैं। मगर, अब हरि का कोई सुराग नहीं मिल सका है। शहर में लगाए गए पोस्टरों के जरिए उसकी तलाश जारी है। अब डाली को उम्मीद है कि किसी व्यक्ति को उनका तोता दिखाई देगा और उसकी सूचना मिलने से हरि दोबारा अपने घर लौट सकेगा।
