पीलीभीत: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का मामला पीलीभीत में तूल पकड़ता जा रहा है। जिले की शहर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम और पहचान संबंधी अनियमितताओं के आरोपों के बाद दो उपजिलाधिकारियों और एक कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी करने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यशैली सुधार लें। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग भी उठाई। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष ने प्रदेश सरकार के गन्ना मंत्री संजय सिंह गंगवार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मतदाता सूची में नाम बदलने का आरोप, दो एसडीएम पर कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, पीलीभीत की शहर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। आरोप है कि कुछ मतदाताओं की पहचान और नाम में बदलाव किया गया। शिकायतों में शानू का नाम अयान और तौफीक का नाम तुषार किए जाने जैसे उदाहरण भी सामने आए हैं। बताया गया है कि मामले में जांच के बाद उपजिलाधिकारी मयंक गोस्वामी, उपजिलाधिकारी हेमंत चौधरी और कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दोनों उपजिलाधिकारी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की जिम्मेदारी निभा रहे थे। कार्रवाई के तहत मयंक गोस्वामी को पूरनपुर और हेमंत चौधरी को अमरिया से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया, जबकि कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। तीनों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
करीब 16 हजार मतदाताओं के नामों में हेराफेरी की शिकायत
इस मामले को लेकर सपा नेताओं का दावा है कि शहर विधानसभा क्षेत्र में करीब 13 हजार मतदाताओं के नाम में गड़बड़ी और लगभग 16 हजार मतदाताओं के नामों में हेराफेरी की शिकायतें मिली थीं। हालांकि, इन आंकड़ों और कथित अनियमितताओं की पूरी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। आवास विकास क्षेत्र के निवासी फैजान और फरहान ने 15 अक्टूबर को जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि उनकी मतदाता पहचान संख्या पर गलत नाम दर्ज हो गए हैं। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया। शिकायतों के आधार पर जिलाधिकारी ने जांच कराई और मुख्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। आरोप है कि जुलाई से सितंबर के बीच कुछ मतदाताओं की पहचान संबंधी जानकारी में बदलाव किया गया, जिससे उन्हें मतदान से वंचित किए जाने की आशंका थी। इन आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच और आधिकारिक अभिलेखों से स्पष्ट होगी।
सपा जिलाध्यक्ष का गन्ना मंत्री पर आरोप, निष्पक्ष चुनाव की मांग
सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार ने दावा किया कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उनकी पार्टी ने सबसे पहले उठाया था। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के निर्देश पर 15 अक्टूबर को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर अधिकारियों के नाम सहित शिकायत की गई थी। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव ने भी इस मामले को मुख्य निर्वाचन आयोग के सामने उठाया, जिसके बाद कार्रवाई हुई। धर्मेश गंगवार ने आरोप लगाया कि शहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक और प्रदेश सरकार में गन्ना मंत्री संजय सिंह गंगवार के दबाव में तत्कालीन उपजिलाधिकारी मयंक गोस्वामी ने कथित गड़बड़ी की। उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में संजय सिंह गंगवार करीब छह हजार मतों के अंतर से जीते थे और आगामी चुनाव को लेकर मतदाता सूची में बदलाव की योजना बनाई गई। ये आरोप सपा जिलाध्यक्ष के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। धर्मेश गंगवार ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय से न्याय की उम्मीद है। फिलहाल, इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों और गन्ना मंत्री का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्टर: ऋतिक द्विवेदी
