पीलीभीत: अमरिया हत्याकांड में मृतक कुनाल श्रीवास्तव की हत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में है। मृतक के परिजनों ने विवेचक पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है। परिवार का आरोप है कि मामले की विवेचना कर रहे अधिकारी आरोपियों से मिलीभगत कर उन्हें मुकदमा वापस लेने के लिए धमका रहे हैं और दबाव बना रहे हैं। परिजनों ने मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पत्र सौंपकर मामले की जांच पीलीभीत से हटाकर किसी दूसरे जनपद की पुलिस या उच्चस्तरीय टीम से कराने की मांग की है।
रामलीला मेले के हिसाब-किताब को लेकर हुआ था विवाद
मृतक की मां कमलेश देवी के मुताबिक, रामलीला मेले के हिसाब-किताब को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उनके परिवार की गाड़ी पर ईंट-पत्थरों से हमला कर शीशे तोड़ दिए। परिवार का दावा है कि इसके बाद पीछा कर धारदार हथियारों और अवैध असलहों से हमला किया गया तथा फायरिंग भी की गई। परिजनों के अनुसार, इसी दौरान उनका 17 वर्षीय बेटा कुनाल श्रीवास्तव उर्फ नन्हें एक व्यक्ति को बचाने के लिए दौड़ा, तभी उस पर हमला कर दिया गया। परिवार का आरोप है कि हमले में कुनाल की मौत हो गई और अन्य परिजनों को भी मारपीट कर घायल किया गया। पीड़ित पक्ष का दावा है कि घटना घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है।
छह नामजद और सात अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा
परिजनों के मुताबिक, कुनाल की हत्या के मामले में उनकी ओर से भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें छह नामजद और सात अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। परिवार का आरोप है कि इसी मुकदमे की विवेचना कर रहे अधिकारी अब उन पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं और धमका रहे हैं। हालांकि, विवेचक पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
दूसरे जनपद की पुलिस से जांच कराने की मांग
कमलेश देवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है कि मौजूदा विवेचना को पीलीभीत से हटाकर किसी दूसरे जनपद की पुलिस या उच्चस्तरीय जांच टीम को सौंपा जाए। उनका कहना है कि मौजूदा जांच व्यवस्था में उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। परिवार ने थाना अमरिया पुलिस के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई है। अब इस मामले में परिजनों की शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है और विवेचक पर लगाए गए आरोपों की जांच होती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
रिपोर्टर: ऋतिक द्विवेदी
