यात्रियों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग का विशेष अभियान, जांच में नियमों की अनदेखी मिलने पर बसों के चालान, आपातकालीन दरवाजा नहीं खुलने पर फिटनेस निरस्त करने के निर्देश
बरेली: यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बरेली में परिवहन विभाग ने स्लीपर बसों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। आरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा ने खुद सड़क पर उतरकर बसों की जांच की। इस दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर कई बसों के चालान किए गए, जबकि आठ बसों को सीज कर दिया गया। जांच के दौरान एक बस का इमरजेंसी एग्जिट दरवाजा नहीं खुलने पर आरटीओ ने नाराजगी जताई और संबंधित बस की फिटनेस निरस्त करने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से बस संचालकों में हलचल मच गई।
इमरजेंसी दरवाजा नहीं खुला,तो आरटीओ ने दिखाई सख्ती
अभियान के दौरान परिवहन अधिकारियों ने स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की जांच की। खास तौर पर आपातकालीन निकास द्वार की कार्यशीलता पर ध्यान दिया गया। जांच के दौरान एक बस का इमरजेंसी एग्जिट दरवाजा नहीं खुला। इसे गंभीर सुरक्षा खामी मानते हुए आरटीओ प्रणव झा ने नाराजगी जताई और संबंधित बस की फिटनेस निरस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही बस को सीज करा दिया गया।
हादसे के समय यात्रियों के लिए जीवनरक्षक है इमरजेंसी एग्जिट
स्लीपर बसों में इमरजेंसी एग्जिट की अहम भूमिका होती है।दुर्घटना, आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति में यदि मुख्य दरवाजे से बाहर निकलना संभव न हो, तो आपातकालीन निकास यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद कर सकता है। ऐसे में दरवाजे का नहीं खुलना यात्रियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग बसों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर रहा है, ताकि तकनीकी खामियों और लापरवाही के कारण यात्रियों की जान जोखिम में न पड़े।
आठ बसें सीज, कई के चालान
परिवहन विभाग के अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई। जांच में खामियां मिलने पर कई बसों के चालान किए गए, जबकि आठ बसों को सीज कर दिया गया। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य स्लीपर बसों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना और यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करना है।
बस संचालकों को सख्त संदेश
आरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा की कार्रवाई से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि बसों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। बस संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों और आपातकालीन निकास सहित सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम सही तरीके से काम कर रहे हों।
