केंद्र प्रभारियों की कमी से खरीद प्रभावित, अब तक 300 क्विंटल से अधिक धान की खरीद का दावा; डीएम ने पंजीकरण के आधार पर खरीद के दिए निर्देश
पीलीभीत: जिले में धान खरीद की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन मंडी समिति में केंद्र प्रभारियों की कमी के कारण सभी केंद्र संचालित नहीं हो पा रहे हैं। मंडी में बनाए गए 14 धान क्रय केंद्रों में से फिलहाल छह ही चालू हैं। इन केंद्रों पर तीन प्रभारी धान की तौल करा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 300 क्विंटल से अधिक धान की खरीद हो चुकी है। किसानों से बिचौलियों से दूर रहने और धान बेचने के लिए पंजीकरण कराने की अपील की गई है।
14 में से छह धान क्रय केंद्र ही चालू
मंडी समिति में धान खरीद के लिए तैयारियां पूरी करने के बाद केंद्रों का संचालन शुरू किया गया है। हालांकि, 14 केंद्रों पर अभी प्रभारियों की तैनाती नहीं होने से छह केंद्र ही काम कर रहे हैं। इन केंद्रों पर तीन प्रभारी खरीद प्रक्रिया संभाल रहे हैं। धान क्रय केंद्र सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक खोले जा रहे हैं। खरीद प्रक्रिया के संचालन के लिए केंद्र प्रभारियों को पासवर्ड भी उपलब्ध कराए गए हैं।
जिले में खोले गए हैं 134 धान क्रय केंद्र
जिलेभर में किसानों से सरकारी दर पर धान खरीदने के लिए कुल 134 क्रय केंद्र खोले गए हैं। केंद्र 12 अक्टूबर से खोल दिए गए थे, लेकिन धान की कटाई देर से होने के कारण शुरुआती दिनों में किसान बिक्री के लिए कम पहुंचे। इसके बाद 13 अक्टूबर से धान खरीद शुरू कर दी गई। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, खरीद 15 फरवरी तक जारी रहेगी।
सामान्य धान 2441 और ग्रेड-ए का भाव 2461 रुपये
सरकार ने खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। सामान्य धान का मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए श्रेणी के धान का मूल्य 2461 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों से निर्धारित समर्थन मूल्य के आधार पर धान खरीदा जा रहा है। अधिकारियों ने खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी रखने और पंजीकृत किसानों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने पंजीकरण के आधार पर खरीद के दिए निर्देश
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने आरएफसी, आरएमओ और डिप्टी आरएमओ को निर्देश दिए हैं कि धान की खरीद किसानों के पंजीकरण के आधार पर की जाए। उन्होंने केंद्रों के आसपास बिचौलियों की गतिविधियों पर रोक लगाने और किसानों को सीधे सरकारी केंद्रों पर धान बेचने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक, खरीद प्रक्रिया में किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए केंद्रों की निगरानी की जा रही है।
नमी और धूल के कारण नहीं हो पा रही खरीद
मंडी में धान लेकर पहुंच रहे कुछ किसानों को गुणवत्ता संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। धान में नमी और धूल होने के कारण कुछ मामलों में खरीद नहीं हो पा रही है। इसको लेकर एमओ प्रदीप कुमार ने किसानों से अपील की है कि वे धान को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके ही क्रय केंद्रों पर लाएं। इससे तौल और खरीद प्रक्रिया में परेशानी नहीं होगी।
किसानों से पंजीकरण कराने की अपील
एमओ प्रदीप कुमार ने किसानों से धान बेचने से पहले पंजीकरण कराने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि पंजीकरण के आधार पर ही सरकारी खरीद की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे बिचौलियों के बजाय सीधे सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचें और निर्धारित समर्थन मूल्य का लाभ उठाएं। वहीं, केंद्रों पर प्रभारियों की कमी दूर होने के बाद खरीद व्यवस्था के और सुचारु होने की उम्मीद है।
रिपोर्टर: ऋतिक द्विवेदी
