पूर्व जिलाधिकारी ने वीडियो संदेश जारी कर किया ऐलान, जननीति भारत के नाम से राजनीतिक दल बनाकर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतरेंगी; जनता को नीतियों के केंद्र में रखने का दावा
मिर्जापुर: भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर दी है। उन्होंने गुरुवार को वीडियो संदेश जारी कर ‘जननीति भारत’ नाम से नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया। दिव्या मित्तल ने कहा कि उनकी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं।
जननीति भारत के नाम से बनाई नई पार्टी
दिव्या मित्तल ने अपने वीडियो संदेश में पार्टी के नाम और आगामी विधानसभा चुनाव में उतरने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य राजनीति में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाना और सरकार को पूरे पांच साल जनता के प्रति जवाबदेह बनाए रखना होगा। उनके मुताबिक, जनता की भूमिका केवल चुनाव के समय वोट देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। नीतियां बनाने और सरकार के कामकाज पर नजर रखने में भी लोगों की भागीदारी होनी चाहिए।
मिर्जापुर सदर सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी
दिव्या मित्तल के मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा है। वह पहले मिर्जापुर की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। जिले में उनकी प्रशासनिक तैनाती के कारण इस सीट से उनके चुनाव लड़ने की संभावना को लेकर चर्चा तेज हुई है। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी को लेकर सामने आई खबरें मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। उनकी ओर से सीट को लेकर औपचारिक घोषणा की पुष्टि जरूरी है। दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद उन्होंने 29 सितंबर को वीडियो संदेश के जरिए राजनीति में आने की घोषणा की थी। इसके बाद से ही उनके अगले कदम और संभावित राजनीतिक मंच को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। अब नई पार्टी के गठन की घोषणा के साथ उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य की दिशा स्पष्ट कर दी है।
मिर्जापुर पहुंचने पर समर्थकों ने किया था स्वागत
राजनीति में आने की घोषणा के बाद दिव्या मित्तल मिर्जापुर पहुंची थीं। इस दौरान समर्थकों ने उनका स्वागत किया और उनके समर्थन में नारे लगाए। उनके दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उनकी राजनीतिक सक्रियता के रूप में देखा गया। मिर्जापुर में पहले जिलाधिकारी के रूप में काम कर चुकीं दिव्या मित्तल की वापसी के बाद स्थानीय स्तर पर उनकी संभावित उम्मीदवारी को लेकर चर्चा बढ़ी है।
जनता की भागीदारी और जवाबदेही पर रहेगा जोर
दिव्या मित्तल ने अपनी पार्टी के उद्देश्य बताते हुए कहा कि राजनीति में जनता को निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में रखा जाना चाहिए। उन्होंने सरकार को पूरे कार्यकाल में जवाबदेह बनाए रखने और लोगों की समस्याओं को नीतियों में प्राथमिकता देने की बात कही। जननीति भारत के गठन के साथ दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी का संगठन कितना विस्तार पाता है और अन्य सीटों पर उसके उम्मीदवार कौन होंगे, इस पर नजर रहेगी।
