खराब मोबाइल की शिकायत पर जिला उपभोक्ता आयोग-द्वितीय का फैसला, 45 दिनों के भीतर राहत देने के निर्देश; देरी होने पर सात प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा
बरेली: जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-द्वितीय ने खराब मोबाइल फोन के मामले में सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स को ग्राहक को नया मोबाइल फोन या उसकी पूरी कीमत लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने कंपनी को ग्राहक को 20 हजार रुपये मुआवजा देने के भी निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर परिवाद दाखिल करने की तारीख से सात प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा। मामले में आयोग के अध्यक्ष दीपक त्रिपाठी और सदस्य दिनेश गुप्ता ने आदेश पारित किया।
17 हजार रुपये में खरीदा था सैमसंग का मोबाइल
राजेंद्र नगर निवासी अनूप जैन ने नवंबर 2021 में सैमसंग ए-21 मोबाइल फोन 17 हजार रुपये में खरीदा था। फोन पर एक साल की वारंटी थी। परिवादी के मुताबिक, मोबाइल खरीदने के शुरुआती दिनों से ही उसमें कई तकनीकी समस्याएं आने लगीं। इनकमिंग कॉल के दौरान आवाज नहीं आने, स्पीकर पर बात करने की जरूरत पड़ने, टच स्क्रीन में परेशानी, बैटरी जल्दी खत्म होने और फोन अत्यधिक गर्म होने जैसी दिक्कतें थीं।
सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने के बाद भी नहीं मिली राहत
अनूप जैन का आरोप था कि उन्होंने मोबाइल की समस्याओं को लेकर कई बार सर्विस सेंटर से संपर्क किया, लेकिन शिकायतों का समाधान नहीं हुआ। कंपनी को कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद समस्या दूर नहीं होने पर उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। परिवादी ने आरोप लगाया कि फोन को बार-बार अपने पास रखकर समस्या के समाधान में देरी की गई और वारंटी अवधि निकलने दी गई।
कंपनी ने मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट से किया इनकार
सुनवाई के दौरान विपक्षी कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मोबाइल हैंडसेट की बारीकी से जांच की गई थी। कंपनी के मुताबिक, जांच में कोई मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट नहीं मिला। हालांकि, मामले में उपलब्ध तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग ने कंपनी को सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार माना और परिवादी को राहत देने का आदेश पारित किया।
45 दिनों के भीतर नया फोन या 17 हजार रुपये लौटाने होंगे
आयोग ने निर्देश दिया कि परिवादी अधिकृत सर्विस सेंटर में खराब मोबाइल जमा करता है तो उसके 45 दिनों के भीतर कंपनी को उसी कीमत का नया मोबाइल देना होगा या 17 हजार रुपये वापस करने होंगे। यदि निर्धारित अवधि में राहत नहीं दी जाती है तो कंपनी को परिवाद दाखिल करने की तारीख से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी अदा करना होगा।
ग्राहक को 20 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश
आयोग ने अनूप जैन को हुई परेशानी के लिए 20 हजार रुपये मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है। इस तरह आदेश के तहत ग्राहक को 17 हजार रुपये की कीमत का नया फोन या उतनी ही नकद राशि और 20 हजार रुपये मुआवजे के रूप में मिलेंगे। देरी की स्थिति में निर्धारित ब्याज भी देय होगा।
