एजी नूरानी की याद में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति ने उनकी किताब का किया जिक्र, नेहरू की कथित टिप्पणी और नागरिक राष्ट्रवाद पर रखी बात
नई दिल्ली: पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के एक बयान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। 19 सितंबर को नई दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में संविधान विशेषज्ञ और लेखक एजी नूरानी की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में अंसारी ने नूरानी की 2019 में प्रकाशित पुस्तक ‘द आरएसएस: ए मेनेस टू इंडिया’ का जिक्र किया। इसी दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की एक कथित टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि भारत के लिए वास्तविक खतरा साम्यवाद नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता बताया गया था। उनके बयान पर बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है।
एजी नूरानी की किताब का किया जिक्र
हामिद अंसारी ‘रिमेंबरिंग ए पॉलीमैथ: द लाइफ एंड टाइम्स ऑफ अब्दुल गफूर नूरानी’ कार्यक्रम में एजी नूरानी के लेखन और उनके विचारों पर बात कर रहे थे। अंसारी ने नूरानी की किताब की प्रस्तावना का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें पूर्व विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया द्वारा दर्ज नेहरू की एक टिप्पणी का हवाला दिया गया है। अंसारी के अनुसार, यह टिप्पणी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक के संदर्भ में थी।
नेहरू की कथित टिप्पणी का अंसारी ने दिया हवाला
अंसारी ने नूरानी की किताब का हवाला देते हुए कहा कि नेहरू ने भारत के लिए खतरे के संदर्भ में साम्यवाद के बजाय हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को चिंता का विषय बताया था। यह ध्यान देने योग्य है कि अंसारी ने यह बात नूरानी की पुस्तक में दर्ज संदर्भ और गुंडेविया के रिकॉर्ड के हवाले से कही थी।
नागरिक राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर भी बोले
अपने भाषण में हामिद अंसारी ने राष्ट्रवाद और भारत की राजनीतिक दिशा से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में ऐसे रुझान सामने आए हैं, जो उनके अनुसार नागरिक राष्ट्रवाद की स्थापित अवधारणा को चुनौती देते हैं और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अवधारणा को आगे बढ़ाते हैं। अंसारी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि ऐसी प्रवृत्तियां चुनावी बहुमत को धार्मिक बहुमत के रूप में पेश करने, राजनीतिक सत्ता पर एकाधिकार स्थापित करने और नागरिकों को धर्म के आधार पर अलग करने की दिशा में ले जा सकती हैं। उन्होंने इन रुझानों को कानून के शासन के संदर्भ में भी उठाया और कहा कि इनका कानूनी तथा राजनीतिक स्तर पर जवाब दिया जाना चाहिए।
बीजेपी ने बयान पर किया पलटवार
हामिद अंसारी की टिप्पणी के बाद बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई। बीजेपी अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने अंसारी के बयान को कांग्रेस की कथित ‘हिंदू विरोधी राजनीति’ से जोड़ते हुए निशाना साधा। बीजेपी की प्रतिक्रिया में राहुल गांधी के पुराने बयानों का भी उल्लेख किया गया और आरोप लगाया गया कि इस तरह की टिप्पणियां कांग्रेस के राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा रही हैं। ये बीजेपी की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज
अंसारी की टिप्पणी के बाद बीजेपी के अलावा कुछ अन्य संगठनों और धार्मिक नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। वहीं, कार्यक्रम का मूल उद्देश्य एजी नूरानी के जीवन, लेखन और बौद्धिक योगदान को याद करना था। नूरानी संविधान, कानून और राजनीतिक मामलों पर लंबे समय तक लिखते रहे। उनके लेखन और विचारों पर आयोजित कार्यक्रम में हामिद अंसारी की टिप्पणी के बाद अब यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।
