गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान बवाल के बाद दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा, सांसद पर मारपीट और जातिसूचक शब्द कहने का आरोप; सांसद ने शिकायत को बताया फर्जी
संत कबीर नगर: गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए विवाद के बाद संत कबीर नगर में समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता विशाल कुमार की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में सांसद पर मारपीट, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। वहीं, सांसद की शिकायत पर उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ और पथराव के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ अलग मुकदमा दर्ज किया गया है।
विशाल कुमार की शिकायत पर सांसद के खिलाफ केस
बखिरा थाना क्षेत्र के निवासी विशाल कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे रोके जाने के बाद मौके पर अफरातफरी की स्थिति बन गई थी। शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान सांसद पप्पू निषाद अपनी गाड़ी से वहां पहुंचे। विशाल का आरोप है कि गाड़ी की टक्कर से वह गिरकर घायल हो गए। विरोध करने पर सांसद, जिला पंचायत सदस्य विश्वकेतु यादव और उनके समर्थकों ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। शिकायत में जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर सांसद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पप्पू निषाद ने आरोपों को बताया फर्जी
एफआईआर दर्ज होने के बाद सपा सांसद पप्पू निषाद ने शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए हैं। सांसद का कहना है कि उनकी विशाल कुमार से बात हुई है और विशाल ने उनके खिलाफ शिकायत देने से इनकार किया है। सांसद के मुताबिक, विशाल ने कहा है कि उसने थाने और चौकी पर जाकर बताया कि उसने सांसद के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी। पप्पू निषाद ने आरोप लगाया कि उनके नाम से दी गई शिकायत फर्जी है और उसे वापस लिया जाना चाहिए। सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ मामला राजनीतिक इशारे पर दर्ज कराया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सांसद की शिकायत पर गाड़ी में तोड़फोड़ का मुकदमा
इस पूरे विवाद में सपा सांसद की शिकायत पर भी पुलिस ने अलग एफआईआर दर्ज की है। सांसद ने आरोप लगाया कि गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान उनकी गाड़ी को निशाना बनाया गया और पथराव कर वाहन का शीशा तोड़ दिया गया। पुलिस के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार रात बखिरा थाना क्षेत्र के अमरडोभा गांव के पास हुई। डीजे को लेकर पुलिस कार्रवाई के बाद जुलूस में विवाद बढ़ा और इसी दौरान सांसद की गाड़ी भीड़ में फंस गई। बाद में वाहन पर पथराव की घटना सामने आई।
दोनों पक्षों की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
सांसद की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस के अनुसार मामले में घातक हथियार के साथ दंगा, गैर इरादतन हत्या के प्रयास, गंभीर नुकसान और चोट पहुंचाने से संबंधित धाराएं शामिल हैं। वहीं, दूसरे पक्ष की शिकायत पर सांसद के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस तरह मामले में दोनों पक्षों की ओर से कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।
पुलिस बोली- आरोप और साक्ष्यों की होगी जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर ली गई हैं। अब पुलिस आरोपों की जांच के साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की पड़ताल करेगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस दोनों मामलों में संबंधित लोगों के बयान और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है।
गणेश विसर्जन के दौरान शुरू हुआ था विवाद
मामला शुक्रवार रात गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान शुरू हुए विवाद से जुड़ा है। पुलिस की ओर से डीजे को रोके जाने के बाद प्रदर्शन और विरोध की स्थिति बनी थी। इसी दौरान सपा सांसद की गाड़ी वहां पहुंची और बाद में वाहन पर पथराव की घटना हुई। अब सांसद के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में एफआईआर और सांसद की शिकायत पर अलग मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस के सामने दोनों घटनाओं के पूरे क्रम की जांच कर तथ्य स्पष्ट करने की चुनौती है।
