1,25,126 ई-चालान भी निपटाए गए, 239 जोड़ियों में कराया समझौता
बरेली : यूपी के बरेली में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में लंबित मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशन में आयोजित लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बरेली प्रदीप कुमार सिंह-द्वितीय ने देवी सरस्वती एवं भगवान गणेश की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने और दीप प्रज्वलित कर किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों के साथ विभिन्न बैंकों, बीमा कंपनियों, अधिवक्ताओं और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान लंबित मामलों को आपसी सुलह और समझौते के आधार पर निस्तारित किया गया।
2 लाख 27 हजार से ज्यादा मामलों का निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एवं अपर जनपद न्यायाधीश उमा शंकर कहार के मुताबिक, राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कुल 2,27,243 वादों का सफल निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 39,20,88,684 रुपये की धनराशि के आदेश पारित किए गए।
न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में निपटे मामले
सत्र न्यायालयों द्वारा 810 वादों का निस्तारण किया गया और 20,37,200 रुपये की जुर्माना राशि का आदेश पारित हुआ।दीवानी न्यायालयों ने 1,107 वादों का निस्तारण करते हुए 1,20,729 रुपये की जुर्माना राशि के आदेश पारित किए। वहीं फौजदारी न्यायालयों में 92,535 वादों का निस्तारण हुआ और 10,48,741 रुपये की जुर्माना धनराशि के आदेश पारित किए गए।
पारिवारिक विवादों में भी कराया समझौता
लोक अदालत के दौरान पारिवारिक विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने पर भी जोर रहा। पारिवारिक न्यायालयों द्वारा 239 दंपतियों के बीच समझौता कराया गया। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय मोहम्मद अशरफ अंसारी ने 159 वादों में आपसी समझौता कराया, जबकि अपर प्रधान न्यायाधीश संजय कुमार सिंह ने 80 वादों का निस्तारण किया।
एमएसीटी में करीब 19.70 करोड़ की समझौता धनराशि
लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों द्वारा भी महत्वपूर्ण मामलों का निस्तारण किया गया। लारा न्यायालय ने 2 वादों का निस्तारण कर 6,78,527 रुपये की समझौता धनराशि का आदेश पारित किया। वाणिज्यिक न्यायालय ने 6 वादों का निस्तारण कर 1,14,85,405 रुपये की समझौता धनराशि का आदेश दिया। वहीं एमएसीटी न्यायालय ने 296 वादों का निस्तारण किया और 19,70,14,000 रुपये की समझौता धनराशि का आदेश पारित किया। स्थायी लोक अदालत ने 5 वादों का निस्तारण करते हुए 37,79,500 रुपये की समझौता धनराशि का आदेश पारित किया।
प्रशासनिक विभागों के हजारों मामले निपटे
राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा 39,766 वादों का निस्तारण किया गया। संभागीय परिवहन विभाग ने 697 मामलों का निस्तारण कर 10,67,100 रुपये की समझौता राशि का आदेश पारित किया। पुलिस विभाग की ओर से 60,491 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें 37,632 ई-चालान भी शामिल रहे। इन मामलों में 4,63,03,700 रुपये की जुर्माना राशि का आदेश पारित किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों और पुलिस अधीक्षक यातायात, बरेली के स्तर से कुल1,25,126 ई -चालानों का निस्तारण किया गया। यह लोक अदालत के दौरान बड़ी संख्या में यातायात संबंधी मामलों के निपटारे को दर्शाता है।
बैंकों के 1715 ऋण मामलों का निपटारा
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव जया प्रियदर्शिनी ने बताया कि बैंक संबंधी मामलों के निस्तारण के लिए जनपद न्यायालय परिसर में 25 पीठों का गठन किया गया था। इन पीठों के समक्ष विभिन्न बैंकों से संबंधित ऋण के 1,715 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 8,37,29,000 रुपये की ऋण धनराशि वसूल की गई।
जेल में बंदियों के हुनर की भी लगी प्रदर्शनी
राष्ट्रीय लोक अदालत परिसर में सामाजिक और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। केंद्रीय कारागार-प्रथम, बरेली में निरुद्ध बंदियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई। वहीं केंद्रीय कारागार-द्वितीय/जिला कारागार, बरेली में निरुद्ध बंदियों द्वारा तैयार किए गए औषधीय पौधों की प्रदर्शनी और बिक्री भी की गई। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार वस्तुओं के साथ एक जनपद एक उत्पाद और एक जनपद एक पकवान से संबंधित प्रदर्शनी लगाकर वस्तुओं का प्रचार और विक्रय किया गया।
नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को किया जागरूक
लोक अदालत के दौरान लोगों को कानूनी जानकारी देने और जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किए गए। रंग विनायक रंगमंडल, बरेली के कलाकारों,इन्वर्टिस विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और अन्य विद्यालयों के छात्रों ने न्यायालय परिसर में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।
हेल्प डेस्क से दी गई कानूनी जानकारी
आम जनता की सुविधा और उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए लोक अदालत परिसर में हेल्प डेस्क भी बनाया गया था। यहां पैरा लीगल वालंटियर और लीगल एड डिफेंस काउंसिल मौजूद रहे और लोगों को आवश्यक कानूनी जानकारी उपलब्ध कराई। राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में न्यायिक अधिकारियों, बैंक एवं बीमा कंपनियों के अधिकारियों, न्यायिक कर्मचारियों, पराविधिक स्वयंसेवकों और मीडिया कर्मियों की भूमिका रही। बरेली में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में लंबित और विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों को एक ही मंच पर सुलह-समझौते और नियमानुसार प्रक्रिया के जरिए निस्तारित किया गया।
