बारिश के बीच तीन मंजिला इमारत ढहने से मचा हड़कंप, नौ लोगों का रेस्क्यू; मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को तीन मंजिला इमारत ढहने के बाद राहत और बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि नौ लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, करीब 20 से 25 छात्रों को एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने घटनास्थल और अस्पताल का किया दौरा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से राहत-बचाव अभियान की जानकारी ली और पूरे घटनाक्रम की निगरानी की। इसके बाद मुख्यमंत्री एम्स के ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं और घायलों का हाल जाना। उन्होंने कहा कि हादसे के पीछे जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने मुख्यमंत्री से की बात
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी हादसे को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से फोन पर बातचीत की। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मौके पर पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटे हुए हैं। राहत अभियान में स्थानीय लोग भी सहयोग कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख
हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पर घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिकारी घटनास्थल पर पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं और हादसे से प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।
कांग्रेस ने छात्रों की सुरक्षा पर उठाए सवाल
कांग्रेस और एनएसयूआई की ओर से भी हादसे को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस ने कहा कि मलबे में कई लोगों के दबे होने की खबर चिंताजनक है और बचाव दलों से हर छात्र तक पहुंचने की अपील की। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में पर्याप्त छात्रावास नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र पीजी में रहने को मजबूर हैं। पार्टी ने छात्रों की सुरक्षा और बेहतर आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
अरविंद केजरीवाल ने सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने मलबे में फंसे लोगों के जल्द और सुरक्षित रेस्क्यू की कामना की। केजरीवाल ने दिल्ली सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि राजधानी में पहले भी इमारत गिरने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने सरकार से बड़े स्तर पर कार्रवाई कर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
जांच के लिए कमेटी गठित
दक्षिण दिल्ली के भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिधूड़ी ने बताया कि इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और उसे गिरफ्तार किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि इमारत काफी पुरानी थी और सरकार को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े इंतजाम करने चाहिए।
नगर निगम के भवन विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने हादसे के बाद नगर निगम के भवन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भवन विभाग में कार्यकारी अभियंता के तबादले के लिए कथित तौर पर 1.25 करोड़ रुपये तक की रकम ली जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के भ्रष्टाचार के कारण भवन सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ऑडिट के नाम पर वसूली का भी लगाया आरोप
सौरभ भारद्वाज ने यह आशंका भी जताई कि हादसे के बाद सुरक्षा जांच और भवन ऑडिट के नाम पर व्यापारियों, जिम, होटलों और अस्पतालों से कथित तौर पर बड़ी रकम की वसूली शुरू हो सकती है। उन्होंने व्यवस्था में वास्तविक सुधार की जरूरत बताते हुए भवन सुरक्षा नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
रेस्क्यू अभियान पर सभी की नजर
सत्य निकेतन हादसे के बाद प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना है। घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल हादसे में तीन मौतों की पुष्टि हुई है और राहत-बचाव अभियान जारी है। इमारत गिरने की वास्तविक वजह और इसमें किसकी लापरवाही रही, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
