मायावती ने कहा- युवाओं और बेरोजगारों की समस्याओं को लेकर बीएसपी को पूरी सहानुभूति, लेकिन आंदोलन के राजनीतिक इस्तेमाल की आशंका चिंता का विषय
लखनऊ: जेन-जी यानी देश के युवाओं और बेरोजगारों की समस्याओं को लेकर चल रहे आंदोलन पर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का बयान सामने आया है। मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि देश में सामने आए कई घटनाक्रमों से अब यह सवाल उठ रहा है कि जेन-जी की समस्याओं को लेकर शुरू हुआ आंदोलन राजनीतिक रंग ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग राजनीतिक दल इस आंदोलन को अपने हित में इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकते हैं।
आंदोलन के राजनीतिक होने की आशंका
मायावती ने कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान युवाओं और छात्रों को बड़े-बड़े सपने दिखाए गए थे। अब उन वादों और दावों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के स्वतंत्र स्वरूप के बजाय उसके राजनीतिक होने की आशंका बढ़ रही है। हालांकि, मायावती ने स्पष्ट किया कि जेन-जी और जेन-अल्फा की जरूरी मांगों को लेकर बीएसपी की सहानुभूति और चिंता हमेशा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं के शांतिपूर्ण समाधान के लिए पार्टी आगे भी उनके सहयोग के लिए तैयार है।
राज्य इकाइयों को अधिकारियों से मिलने के निर्देश
मायावती ने बीएसपी की सभी राज्य इकाइयों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने राज्य और क्षेत्र में संबंधित अधिकारियों से मुलाकात करें। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों की समस्याओं का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान कराने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा सहित समाज के सभी वर्गों की समस्याओं को लेकर बीएसपी गंभीर है।
चुनाव की तैयारी पर ध्यान देने की अपील
मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि बीएसपी के अनुशासन के तहत कार्यकर्ताओं को धरना, प्रदर्शन या आंदोलन में अपनी ऊर्जा और संसाधन खर्च करने के बजाय चुनाव की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीएसपी का लक्ष्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों को साकार करते हुए सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की सरकार बनाना है। मायावती ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बीएसपी की चार सरकारों के दौरान पार्टी ने इस दिशा में काम करके दिखाया है।
संजय आजाद मामले में सख्त कार्रवाई की मांग
मायावती ने जेन-जी के जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान हुई घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने समय रहते उचित कार्रवाई की होती तो संजय आजाद जैसी गंभीर घटना नहीं होती। उन्होंने कहा कि अब इस प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। मायावती ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो बीएसपी भी ऐसे मामलों में पीछे नहीं रहेगी।
युवाओं की मांगों को लेकर बीएसपी का रुख
मायावती के बयान से साफ है कि बीएसपी जेन-जी और जेन-अल्फा की मांगों के समर्थन में है, लेकिन वह आंदोलन के राजनीतिक इस्तेमाल के खिलाफ है। उन्होंने युवाओं की समस्याओं के समाधान के लिए शांतिपूर्ण और संस्थागत तरीके से अधिकारियों के साथ संवाद करने पर जोर दिया है।
