ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति में आ रही तकनीकी दिक्कतों पर सीधा संवाद, बीडीए ने मौके पर दिया समाधान और तकनीकी मार्गदर्शन
बरेली: बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में नई पहल शुरू की है।इसी क्रम में गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को प्राधिकरण के सभागार में ‘मानचित्र समाधान दिवस’ एवं ‘बीडीए विकास संवाद’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीडीए की उपाध्यक्ष ने की। कार्यक्रम में करीब 30 आर्किटेक्ट्स और एलटीपी (लाइसेंस्ड टेक्निकल पर्सन) ने हिस्सा लिया। इस दौरान ऑनलाइन भवन मानचित्र स्वीकृति पोर्टल से जुड़ी तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं के साथ-साथ मानचित्रों की स्वीकृति प्रक्रिया को लेकर आने वाली दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मौके पर 10 भवन मानचित्रों का निस्तारण
बीडीए की ओर बताया गया कि संवाद के दौरान करीब 10 भवन मानचित्रों का मौके पर ही निस्तारण/स्वीकृति की गई।संबंधित प्रकरणों में आवश्यक रिपोर्ट भी मौके पर ही जारी की गईं, जिससे आवेदकों को तत्काल राहत मिली। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं हो सका। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित स्तर पर जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
आर्किटेक्ट्स और इंजीनियर्स की समस्याएं सीधे सुनी

मानचित्र समाधान दिवस का उद्देश्य सिर्फ शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को सीधे समझकर उनका समाधान करना बताया गया है। बीडीए अधिकारियों ने ऑनलाइन पोर्टल पर मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं पर तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया। प्राधिकरण का कहना है कि इस पहल को एक सतत संवाद मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें आवेदक, एलटीपी, इंजीनियर और आर्किटेक्ट अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे प्राधिकरण के सामने रख सकेंगे।
जानें क्या बोलीं बीडीए की उपाध्यक्ष

बीडीए की उपाध्यक्ष ने कहा कि प्राधिकरण का प्रयास है कि आमजन और सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए संबंधित लोगों से सीधे संवाद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समस्याओं को केवल कार्यालय स्तर पर देखने के बजाय संबंधित पक्षों से बातचीत कर उनके व्यावहारिक समाधान तलाशे जाएंगे और जहां संभव होगा, मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। बिल्डर, अस्पताल और होटल उद्योग समेत अन्य स्टेकहोल्डर्स के सुझाव भी लिए जाएंगे बीडीए के अनुसार, आर्किटेक्ट, इंजीनियर, बिल्डर/डेवलपर, उद्योग, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और होटल उद्योग सहित अन्य संबंधित स्टेकहोल्डर्स के सुझावों को भी महत्व दिया जाएगा। इन संवाद कार्यक्रमों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर मानचित्र स्वीकृति व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाने की बात कही गई है।प्राधिकरण का लक्ष्य प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही, गतिशीलता और समयबद्धता बढ़ाना है।
बरेली के सुनियोजित विकास पर फोकस
बीडीए की ओर से कहा गया कि बरेली के सुनियोजित और समग्र विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद जरूरी है। ‘बीडीए विकास संवाद’ के जरिए प्रक्रियागत समस्याओं के समाधान के साथ शहर के भविष्य के विकास, निवेश, रोजगार सृजन और नागरिक सुविधाओं को लेकर भी सुझाव लिए जाएंगे। प्राधिकरण का कहना है कि ‘सरल प्रक्रिया, स्पष्ट जानकारी, सकारात्मक संवाद और समयबद्ध सेवा’ के माध्यम से नागरिकों और तकनीकी प्रोफेशनल्स को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
