दिल्ली में H1N1 के मामले बढ़े, कर्नाटक में 4,200 से ज्यादा इन्फ्लूएंजा केस, ICMR ने कहा- नया स्ट्रेन नहीं, घबराने की जरूरत नहीं
बरेली : देश के कई हिस्सों में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। दिल्ली और कर्नाटक में मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने स्पष्ट किया है कि देश में H1N1 का कोई नया या असामान्य स्ट्रेन सामने नहीं आया है। केंद्र सरकार ने भी लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है। दिल्ली में 26 अगस्त तक H1N1 के कुल मामले बढ़कर 2,446 हो गए हैं। वहीं कर्नाटक में 22 अगस्त तक 32 जिलों में 4,212 लैब -कन्फर्म्ड इन्फ्लूएंजा मामले सामने आए हैं। कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने इसे मौसमी बढ़ोतरी बताते हुए फिलहाल किसी असामान्य प्रकोप से इनकार किया है।

ICMR ने कहा- नया H1N1 स्ट्रेन नहीं
H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच लोगों में नए और अधिक खतरनाक वायरस को लेकर चिंता बढ़ी है। हालांकि, ICMR ने साफ किया है कि भारत में फिलहाल कोई नया H1N1 स्ट्रेन नहीं मिला है। वर्तमान में प्रसारित वायरस ज्ञात मौसमी H1N1 pdm09 वायरस से संबंधित हैं और 2025 से परिसंचरण में हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार मौसमी इन्फ्लूएंजा सामान्यतः स्वयं सीमित रहने वाला संक्रमण है। अधिकांश मरीज उचित देखभाल, आराम और चिकित्सकीय सलाह से ठीक हो जाते हैं। हालांकि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में जटिलताओं का जोखिम अधिक हो सकता है।
खांसी-छींक से फैलता है संक्रमण, सावधानी जरूरी
H1N1 मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति की खांसी, छींक और श्वसन स्राव के संपर्क से फैल सकता है। ऐसे में हाथों की स्वच्छता, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना और लक्षण होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण है।भीड़भाड़ वाली जगहों पर आवश्यकता के अनुसार मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। आंख, नाक और मुंह को बिना हाथ धोए छूने से भी बचना चाहिए।
तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी को नजरअंदाज न करें
फ्लू जैसे लक्षणों में बुखार,खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द और बदन दर्द शामिल हो सकते हैं। यदि तेज बुखार के साथ सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, लगातार उल्टी या हालत तेजी से बिगड़ने लगे तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पुरानी बीमारी से जूझ रहे लोगों में लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
खुद से दवा लेने से बचें। स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञों की सलाह है कि H1N1 के संदेह में बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीवायरल या एंटीबायोटिक दवाएं न लें। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी स्पष्ट रूप से बिना चिकित्सकीय सलाह दवा लेने से बचने की सलाह दी है। फ्लू वैक्सीन कुछ उच्च जोखिम वाले लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है। इसके लिए व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और जोखिम को देखते हुए डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
बरेली में भी सतर्कता का संदेश
बरेली के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार ने जनहित में जारी अपील में लोगों से H1N1 को लेकर घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने हाथों की स्वच्छता, खांसी -छींक के दौरान सावधानी, भीड़भाड़ में आवश्यकतानुसार मास्क और लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि समय पर पहचान और उचित उपचार से H1N1 का इलाज संभव है। लोगों को अफवाहों से बचते हुए स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों की सलाह का पालन करना चाहिए।
