बरेली : यूपी के बरेली कलेक्ट्रेट गेट पर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जमीन विवाद से परेशान एक दंपति ने कथित तौर पर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। दंपति की इस हरकत से कलेक्ट्रेट गेट पर अफरा-तफरी मच गई।सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को पकड़ लिया और उनके हाथ से ज्वलनशील पदार्थ की बोतल छीन ली। इसके बाद दोनों को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। इस घटना की पुलिस जांच कर रही है।
जमीन विवाद को लेकर कई दिनों से परेशान होने का दावा
शहर के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के चंद्रपुर बिचपुरी गांव निवासी नरेश पाल सिंह मंगलवार को अपनी पत्नी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। नरेश ने पुलिस को बताया कि वह जमीन से जुड़े विवाद को लेकर काफी समय से परेशान हैं। उनका दावा है कि समस्या के समाधान के लिए वह लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन अपेक्षित सुनवाई नहीं होने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान हो गए थे। इसी से क्षुब्ध होकर उन्होंने पत्नी के साथ कलेक्ट्रेट गेट पर आत्मदाह का प्रयास किया।
67 लाख के प्लॉट के सौदे का दावा, दो लाख रुपये देने की बात
नरेश पाल का आरोप है कि उन्होंने बिशारतगंज थाना क्षेत्र के टीकाराम मौर्य से करीब 67 लाख रुपये में प्लॉट का सौदा किया था। उनके मुताबिक सौदे के दौरान उन्होंने दो लाख रुपये बतौर रकम दे दिए थे। आरोप है कि रकम लेने के बाद भी प्लॉट का बैनामा उनके नाम नहीं कराया गया। नरेश का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें टाल दिया गया। हालांकि इन आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
रुपये वापस मांगने पर धमकी देने का भी आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जमीन का सौदा पूरा न होने और रुपये वापस मांगने पर उन्हें धमकी भी दी गई। नरेश के मुताबिक, एक तरफ उनकी रकम फंस गई और दूसरी तरफ जमीन का बैनामा भी नहीं हो सका। लगातार परेशान रहने के बाद उन्होंने अधिकारियों से शिकायत कर समाधान की मांग की। पुलिस अब दंपति के आरोपों, जमीन के सौदे और रकम के लेनदेन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
कलेक्ट्रेट गेट पर पत्नी के साथ पहुंचा था नरेश
मंगलवार को नरेश अपनी पत्नी के साथ कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचा। यहां दोनों ने अपनी समस्या बताने के बाद कथित तौर पर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल दोनों को काबू में कर लिया।पुलिसकर्मियों ने उनके हाथ से बोतल छीनकर स्थिति को संभाला। इस दौरान कलेक्ट्रेट गेट पर कुछ देर के लिए अफरा -तफरी का माहौल बना रहा।
सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
इस घटना के दौरान कलेक्ट्रेट की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई की। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिसकर्मी ओमपाल सिंह और अमित ने दंपति को काबू में किया और उन्हें कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। समय रहते कार्रवाई होने से कोई बड़ी घटना होने से बच गई।
पुलिस कर रही है पूरे मामले की जांच
इस घटना के बाद पुलिस दंपति से पूछताछ कर रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जमीन विवाद से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी व्यक्ति ने दंपति को आत्मदाह जैसा कदम उठाने के लिए उकसाया था। जांच में यदि किसी तरह के उकसावे या अन्य आपराधिक भूमिका के तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर कार्रवाई की जा सकती है।
कलेक्ट्रेट की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
बरेली कलेक्ट्रेट प्रशासनिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है।ऐसे में कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर इस तरह की घटना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करती है। मंगलवार की घटना में सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह मामला इस बात की ओर भी ध्यान खींचता है कि शिकायत लेकर आने वाले लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और संवेदनशील मामलों में प्रभावी सुनवाई कितनी जरूरी है। फिलहाल पुलिस दंपति के आरोपों और जमीन विवाद से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जमीन के सौदे, रकम के लेनदेन और धमकी के आरोपों में वास्तविकता क्या है।
