डीआईजी अजय कुमार साहनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में तैयारियों का दिया ब्यौरा, 14,969 से अधिक पुलिसकर्मी, 16 ड्रोन, 153 पुलिस सहायता केंद्र और 51 एंबुलेंस रहेंगी तैनात
बरेली : श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बरेली परिक्षेत्र पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। बुधवार को पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) बरेली परिक्षेत्र अजय कुमार साहनी ने परिक्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जनपदों में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। कांवड़ मार्गों, प्रमुख शिवालयों, घाटों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, ड्रोन निगरानी और आधुनिक कंट्रोल सिस्टम की व्यवस्था की गई है।
सुपर जोन, सेक्टर और सब -सेक्टर में किया विभाजित
डीआईजी ने बताया कि पूरे बरेली परिक्षेत्र को 8 सुपर जोन, 26 जोन, 82 सेक्टर और 220 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है, ताकि प्रत्येक क्षेत्र की प्रभावी निगरानी की जा सके। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 10 पुलिस अधीक्षक, 34 क्षेत्राधिकारी, 252 निरीक्षक, 1,655 उपनिरीक्षक, 2,804 मुख्य आरक्षी और 9,637 आरक्षियों सहित कुल 14,392 नागरिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 577 यातायात पुलिसकर्मी, 14.5 प्लाटून पीएसी, दो सेक्शन फ्लड पीएसी और दो एसडीआरएफ टीमों को भी लगाया गया है।
ड्रोन से निगरानी, हर जिले में बनेगा ICCC
कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए 16 ड्रोन, 94 पीए सिस्टम, 153 पुलिस सहायता केंद्र, 52 कंट्रोल रूम, 205 जल सेवा केंद्र, 144 कांवड़ शिविर, 92 मिशन शक्ति केंद्र और 51 एंबुलेंस तैनात रहेंगी। सभी जिलों की रिजर्व पुलिस लाइन में इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर (ICCC) स्थापित किए जाएंगे, जहां से कांवड़ मार्ग, प्रमुख घाट, मंदिर और चौराहों की 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग होगी।
बदायूं के कछला घाट पर विशेष इंतजाम
डीआईजी ने बताया कि बदायूं के कछला घाट पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यहां एक अस्थायी थाना, चार पुलिस चौकियां, आठ वॉच टावर, चार मोटर बाइक पेट्रोलिंग यूनिट, एक कंट्रोल रूम और वायरलेस सिस्टम स्थापित किया गया है। स्थानीय गोताखोरों के साथ चार प्रशिक्षित गोताखोर भी तैनात किए गए हैं।
कांवड़ शिविरों पर रहेगी कड़ी नजर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी कांवड़ शिविरों के लिए अनुमति अनिवार्य होगी। शिविर सड़क से पर्याप्त दूरी पर लगाए जाएंगे और प्रत्येक शिविर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। शिविरों में तैनात सभी सेवादारों और कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र रखना अनिवार्य होगा। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिविरों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती, मिशन शक्ति स्टॉल, वाशरूम और विश्राम कक्ष की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। वहीं रसोई क्षेत्र में अग्निशमन उपकरण और टीन शेड अनिवार्य किए गए हैं।
आईडी कार्ड के साथ चलेंगे कांवड़िए
डीआईजी ने बताया कि कांवड़ यात्रियों को पहचान पत्र जारी किए जाएंगे, जिन पर संबंधित हल्का प्रभारी और थाना प्रभारी का मोबाइल नंबर अंकित रहेगा। प्रत्येक कांवड़ जत्थे के लिए हल्का और चौकी स्तर पर नोडल उपनिरीक्षक नियुक्त किए जाएंगे, जो जत्थों का पूरा रिकॉर्ड और संपर्क विवरण अपने पास रखेंगे। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले गांवों के प्रधानों से भी समन्वय स्थापित किया गया है।
दुर्घटनाओं पर विशेष फोकस
पिछले तीन वर्षों में डायल-112 पर प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण कर संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है। पुलिस को किसी भी दुर्घटना की स्थिति में न्यूनतम रिस्पॉन्स टाइम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक सेवाओं जैसे दवा, दूध, अखबार, राशन और पशु चारा ले जाने वाले वाहनों के लिए अलग रूट और समय भी निर्धारित किया गया है।
घाटों और शिवालयों पर विशेष व्यवस्था
कछला घाट, अटैना घाट, भुंडी घाट, धनौरा घाट, ढाई घाट और पांचाल घाट सहित प्रमुख जलभराव स्थलों पर एसडीआरएफ, फ्लड पीएसी, नाव, लाइफ जैकेट, बैरिकेडिंग और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वहीं बरेली के सात नाथ मंदिरों सहित प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, लाइन प्रबंधन और प्रकाश व्यवस्था की समीक्षा कर ली गई है।
डीजे और कांवड़ की ऊंचाई पर रहेगा नियंत्रण
रेलवे लाइन और बिजली के तारों को देखते हुए कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट निर्धारित की गई है। डीजे वाहनों की ऊंचाई और चौड़ाई भी निर्धारित मानकों के अनुरूप होगी तथा ध्वनि स्तर 75 डेसीबल से अधिक नहीं रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रेस वार्ता के अंत में डीआईजी अजय कुमार साहनी ने नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और श्रावण मास तथा कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में पुलिस का सहयोग करें।
