सपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी अस्पताल में भर्ती, हार्ट अटैक की आशंका से बढ़ी चिंता?
तबीयत बिगड़ने पर लखनऊ के सिविल अस्पताल में कराया गया भर्ती, हार्ट अटैक की आशंका के बीच डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी, स्वास्थ्य जानने पहुंचे अखिलेश यादव
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उन्हें हार्ट अटैक आने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने अभी तक हार्ट अटैक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है और इमरजेंसी वार्ड में उनका इलाज जारी है।
डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने के तुरंत बाद राजेंद्र चौधरी को सिविल अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। उनकी स्थिति का आकलन करने के लिए आवश्यक चिकित्सीय जांच की जा रही हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार सभी चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्वास्थ्य का हाल जानने अस्पताल पहुंचे अखिलेश यादव
राजेंद्र चौधरी के अस्वस्थ होने की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उपचार संबंधी जानकारी हासिल की।
चार दशक तक मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे राजेंद्र चौधरी
राजेंद्र चौधरी का राजनीतिक जीवन करीब चार दशक तक मुलायम सिंह यादव के साथ जुड़ा रहा। उनकी पहचान समाजवादी पार्टी के सबसे भरोसेमंद, अनुशासित और सादगीपूर्ण नेताओं में रही है। उनका राजनीतिक सफर चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व में शुरू हुआ। वर्ष 1974 में उन्हें गाजियाबाद शहर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया था। हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार मिली, लेकिन 1977 में वे उसी सीट से विधायक निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचे।
मुलायम सिंह के भरोसेमंद सहयोगी रहे
जब मुलायम सिंह यादव पहली बार सहकारिता मंत्री बने, उसी समय से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक संबंध मजबूत हुए। लोकदल में मुलायम सिंह प्रदेश अध्यक्ष और राजेंद्र चौधरी महामंत्री रहे। अविवाहित होने के कारण राजेंद्र चौधरी लंबे समय तक पार्टी कार्यालय में पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में रहे और सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत करते रहे।
स्पष्टवादिता और सादगी के लिए रहे प्रसिद्ध
लोकदल के विभाजन के दौरान अधिकांश जाट नेता अजित सिंह के साथ चले गए, लेकिन राजेंद्र चौधरी ने मुलायम सिंह यादव का साथ नहीं छोड़ा। वे उन्हें चौधरी चरण सिंह का वास्तविक राजनीतिक उत्तराधिकारी मानते रहे। अपनी स्पष्टवादिता, संगठन के प्रति निष्ठा, ईमानदार छवि और सादगीपूर्ण जीवनशैली के कारण वे राजनीति में अलग पहचान रखते हैं। लंबे समय तक समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रहे राजेंद्र चौधरी को पार्टी का बेहद भरोसेमंद चेहरा माना जाता है। राजनीतिक गलियारों में उनकी पहचान ऐसे नेता के रूप में रही है, जिनसे पार्टी की अंदरूनी जानकारी निकलवाना आसान नहीं माना जाता था।
