दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, बस में लगी भीषण आग
दौसा : राजस्थान के दौसा जिले में बुधवार सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भयावह सड़क हादसा हो गया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही हंस ट्रेवल्स की एक निजी बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ ही क्षणों में बस और ट्रेलर दोनों आग की चपेट में आ गए। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी गिरफ्त में ले लिया और कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य के साथ घायलों को अस्पताल पहुंचाया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रत्यक्षदर्शियों का दर्द: “पत्नी आंखों के सामने जिंदा जल गई”, कई यात्री अब भी लापता
हादसे के बाद सामने आए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान बेहद दर्दनाक हैं। एक घायल यात्री ने बताया कि दुर्घटना के समय वह अपनी पत्नी और बेटे के साथ बस में सो रहा था। उनकी सीट चालक के ठीक पीछे थी। यात्री के अनुसार, संभव है कि चालक को झपकी आ गई हो, जिसके चलते बस ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर के बाद उसकी पत्नी खिड़की से बाहर जा गिरी और बस के किनारे फंस गई। आग इतनी तेजी से फैली कि वह उसे बचा नहीं सका और उसकी पत्नी उसकी आंखों के सामने ही जिंदा जल गई। वहीं इंदौर की रहने वाली एक महिला ने बताया कि वह परिवार के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन कर लौट रही थीं। हादसे में उनकी बेटी घायल हो गई, जबकि उनके पति का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। प्रशासन लापता यात्रियों की तलाश में जुटा हुआ है।
पुलिस ने आठ मौतों की पुष्टि की, डीएनए से होगी कई शवों की पहचान
दौसा के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने बताया कि हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें 5 यात्रियों की आग में जिंदा जलने से मौत हुई, जबकि 2 लोगों ने सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर दम तोड़ दिया। एक अन्य घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। हादसे में कई शव बुरी तरह झुलस गए हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने बताया है कि कुछ मृतकों की पहचान डीएनए परीक्षण के जरिए कराई जाएगी। सांसद मुरारी लाल मीणा ने भी मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है और प्रशासन को यात्रियों एवं उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी करने के निर्देश दिए हैं।
इमरजेंसी गेट नहीं खुलने का दावा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
दौसा बस हादसे के बाद बस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय विधायक दीनदयाल बैरवा ने दावा किया कि हादसे के बाद बस में आग तेजी से फैल गई, लेकिन इमरजेंसी एग्जिट गेट नहीं खुला, जिसके कारण कई यात्री समय रहते बाहर नहीं निकल सके। उनका कहना है कि यदि आपातकालीन निकास द्वार सही समय पर खुल जाता तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और बस की सुरक्षा व्यवस्था की तकनीकी पड़ताल की मांग की है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। प्रशासन ने बस के तकनीकी पहलुओं की भी जांच के दायरे में शामिल किया है।
जांच समिति गठित, नेताओं ने जताया शोक
हादसे के बाद जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। समिति में प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग और सड़क सुरक्षा समिति के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह समिति दुर्घटना के तकनीकी, प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। साथ ही भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुझाव भी देगी। इस दर्दनाक हादसे पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने गहरा शोक व्यक्त किया है। दोनों नेताओं ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
फिलहाल प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य के साथ मृतकों की पहचान और घायलों के इलाज में जुटा हुआ है। हादसे के कारणों की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
