उन्नाव : उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बुधवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार स्लीपर बस और कार की जोरदार टक्कर में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसा सुबह करीब 5 बजे बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के 230.800 माइल स्टोन के पास हुआ। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि टक्कर के बाद बस डिवाइडर की ग्रिल तोड़ते हुए सड़क किनारे खंती में पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, यूपीडा और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
कार में सवार आठ लोगों में से पांच की मौत, तीन गंभीर घायल
जानकारी के अनुसार, संतकबीरनगर पंजीकरण संख्या वाली कार में कुल आठ लोग सवार थे। तेज रफ्तार बस की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में दिव्या (13 वर्ष), अमृता (5 वर्ष), अंजू (40 वर्ष), धुनमुन (60 वर्ष) और कार चालक विनोद (45 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बांगरमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है।
बस में सवार 85 यात्रियों में मची अफरा-तफरी, 17 से अधिक घायल
हादसे के समय स्लीपर बस में करीब 85 यात्री सवार थे। कार से टकराने के बाद बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए खंती में पलट गई। बस पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना में 17 से अधिक यात्री घायल हो गए, जिन्हें मौके पर पहुंची एंबुलेंस और स्थानीय प्रशासन की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई यात्रियों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ को गंभीर चोट लगने की सूचना है। राहत टीमों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया।
पुलिस और प्रशासन ने चलाया राहत अभियान, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। दुर्घटनाग्रस्त कार को क्रेन की मदद से सड़क से हटाया गया ताकि एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य किया जा सके। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांगरमऊ सीएचसी भेज दिया। वहीं घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और बस के अनियंत्रित होने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, हादसे की जांच शुरू
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में इस एक्सप्रेसवे पर कई बड़े सड़क हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी की बसों और भारी वाहनों की गति पर प्रभावी निगरानी, नियमित वाहन जांच और ड्राइवरों के लिए पर्याप्त विश्राम व्यवस्था जैसी पहल ऐसे हादसों को कम करने में मददगार हो सकती हैं।
फिलहाल प्रशासन दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की गई है और मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यात्रा के दौरान यातायात नियमों का पालन करें और निर्धारित गति सीमा से अधिक वाहन न चलाएं। इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
