आजम खां को बड़ा झटका, आयकर विभाग ने जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन किया निरस्त
आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2023 की जांच में मिली अनियमितताओं के आधार पर लिया फैसला, ट्रस्ट पर लग सकता है भारी टैक्स और जुर्माना
रामपुर : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री आजम खां से जुड़े जौहर ट्रस्ट को आयकर विभाग ने बड़ा झटका दिया है। विभाग ने ट्रस्ट का 12AB रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई वर्ष 2023 में हुई आयकर विभाग की छापेमारी और उसके बाद की जांच में सामने आई कथित अनियमितताओं के आधार पर की गई है। हालांकि ट्रस्ट के पास इस फैसले के खिलाफ आयकर अपीलीय अधिकरण (ट्रिब्यूनल) में अपील करने का विकल्प मौजूद है।
जांच में सामने आईं कथित अनियमितताएं
आयकर विभाग ने जांच के दौरान ट्रस्ट के अभिलेखों, लेखा-जोखा और अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया। विभाग के अनुसार जांच में ट्रस्ट की कुछ गतिविधियां पंजीकरण की शर्तों के अनुरूप नहीं पाई गईं। इसके बाद ट्रस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। सूत्रों के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर विभाग को संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई की गई।
क्या होता है 12AB रजिस्ट्रेशन?
जीएसटी एवं आयकर मामलों के जानकार अधिवक्ता गौरव गुप्ता के अनुसार 12AB रजिस्ट्रेशन ट्रस्ट, एनजीओ और गैर-लाभकारी संस्थाओं को आयकर में विशेष छूट प्रदान करता है। इस व्यवस्था के तहत संस्था को प्राप्त दान और अनुदान पर आयकर नहीं देना पड़ता, बशर्ते धन का उपयोग सामाजिक, शैक्षिक या धार्मिक कार्यों में किया जाए। रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद संस्था को सामान्य व्यावसायिक इकाई की तरह माना जाता है और उसकी आय कर योग्य हो जाती है।
ट्रस्ट पर लग सकता है भारी कर और पेनाल्टी
रजिस्ट्रेशन निरस्त होने के बाद आयकर विभाग ट्रस्ट की चल और अचल संपत्तियों का बाजार मूल्य के आधार पर मूल्यांकन कर सकता है। इसमें भूमि, भवन, बैंक खातों और अन्य परिसंपत्तियों को शामिल किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार विभाग ट्रस्ट की आय, दान राशि और अन्य वित्तीय लेन-देन पर कर लगाने के साथ-साथ ब्याज और पेनाल्टी भी वसूल सकता है। इससे ट्रस्ट की वित्तीय मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा है ट्रस्ट
जौहर ट्रस्ट द्वारा रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण कराया गया था। यह ट्रस्ट लंबे समय से विभिन्न विवादों और जांचों के दायरे में रहा है। आयकर विभाग ने जांच के दौरान राज्य सरकार द्वारा की गई कार्रवाई, उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियों तथा उपलब्ध दस्तावेजों का भी अध्ययन किया।
भाजपा विधायक की शिकायत के बाद बढ़ी जांच
जानकारी के अनुसार इस मामले की शिकायत भाजपा विधायक आकाश सक्सेना द्वारा आयकर विभाग से की गई थी। शिकायत के बाद विभाग ने जांच शुरू की और विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की।
ट्रस्ट के पास अपील का विकल्प
आयकर विभाग के फैसले के बावजूद जौहर ट्रस्ट के पास कानूनी राहत पाने का अवसर मौजूद है। ट्रस्ट आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT) में विभाग के आदेश को चुनौती दे सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि ट्रस्ट इस फैसले के खिलाफ आगे क्या कानूनी कदम उठाता है।
