बरेली : यूपी के बरेली देहात के बहेड़ी विकास खंड क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय सहजनी ने स्वच्छता, हरित परिसर और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। केंद्र सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा संचालित ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) 2025 -26’ में विद्यालय का चयन हुआ है। देशभर के चयनित विद्यालयों में प्राथमिक विद्यालय सहजनी ने 29वीं रैंक प्राप्त कर बरेली का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
राष्ट्रीय रैंकिंग से बढ़ा बरेली का गौरव
स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से संचालित स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) के तहत विद्यालयों का मूल्यांकन स्वच्छता, हरित परिसर, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर व्यवस्थाओं के आधार पर किया जाता है। इस रेटिंग में बहेड़ी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सहजनी ने राष्ट्रीय स्तर पर 29वीं रैंक हासिल की है। इस उपलब्धि ने न सिर्फ विद्यालय बल्कि पूरे बरेली जिले का गौरव बढ़ाया है।
BSA ने बताई उपलब्धि की खास वजह
विद्यालय की इस सफलता पर जानकारी देते हुए BSA डॉ. विनीता ने बताया कि केंद्र सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम के तहत बहेड़ी ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय सहजनी का चयन हुआ और विद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर 29वीं रैंक प्राप्त कर पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विद्यालय के स्वच्छ वातावरण, हरित परिसर और बेहतर प्रबंधन का परिणाम है।
पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान, मुख्यमंत्री ने किया था सम्मानित
विद्यालय की उपलब्धियां पहले भी चर्चा में रही हैं। वर्ष 2016 और 2017 में इसे राज्य स्तरीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार मिल चुका है। वहीं अगस्त 2022 में विद्यालय के उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रधानाध्यापक राजीव सिंह और ग्राम प्रधान रघुवीर सिंह पाल को माननीय मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया था। इससे विद्यालय की लगातार बेहतर कार्यशैली और नवाचारों को नई पहचान मिली।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग, कचरा प्रबंधन और नवाचार बने सफलता की पहचान
प्रधानाध्यापक राजीव सिंह के नेतृत्व में विद्यालय में सूखा और गीला कचरा प्रबंधन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम समेत कई पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। वर्ष 2018 में विद्यालय को अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित किया गया। इसके बाद शिक्षक जितेंद्र सिंह और मिथुन राय के नवाचारी शिक्षण तरीकों से बच्चों को रोचक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में किए गए इन्हीं प्रयासों ने विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
