पर्यटन विभाग की 12 योजनाओं को मंजूरी, मंदिरों के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं पर फोकस, यूपीएसटीडीसी को सौंपी गई जिम्मेदारी
बरेली : यूपी के बरेली जनपद में आस्था और पर्यटन को नई पहचान देने के लिए बड़ी पहल की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पर्यटन विभाग ने जिले की विभिन्न विधानसभाओं में स्थित धार्मिक स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए कुल 791 लाख रुपये (7.91 करोड़) की धनराशि स्वीकृत की है। इस परियोजना के तहत 12 प्रमुख पर्यटन विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कारपोरेशन (यूपीएसटीडीसी) को सौंपी गई है।जिसे गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन आस्था स्थलों का होगा विकास?
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी देते हुए मीडिया को बताया कि जिले के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों को इस योजना में शामिल किया गया है। इसमें मीरगंज के ठाकुर जी मंदिर को 67 लाख, फरीदपुर के पहलऊनाथ शिव मंदिर को 65 लाख, मगनपुर का प्राचीन शिव मंदिर को 67 लाख,आंवला का द्रौपदी स्वयंवर थीम पार्क को 64 लाख, गुलड़िया गौरीशंकर मंदिर यात्री हाल को 45 लाख, बिथली चैनपुर शिरोही मंदिर को 69 लाख, अहिछत्र का समेकित पर्यटन विकास 50 लाख, भोजीपुरा के पूर्णगिरी शिव मंदिर को 71 लाख, कैंट स्थित आनंद आश्रम मंदिर को 53 लाख, बड़ा बाग हनुमान मंदिर को 70 लाख, श्री सीताराम मंदिर को 70 लाख, प्रेमनगर के त्रिवटीनाथ मंदिर (फसाड लाइटिंग) को 1 करोड़ की राशि दी गई है।
पर्यटन के साथ रोजगार को भी बढ़ावा
मंत्री ने कहा कि बरेली, जिसे “नाथ नगरी” के रूप में जाना जाता है, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण शहर है। यहां स्थित मंदिरों में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन कई जगह बुनियादी सुविधाओं की कमी रही है।उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के लागू होने से श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी। पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
सीएम के विजन पर आगे बढ़ रही योजना
मंत्री के अनुसार, योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत प्रदेश के हर जिले में आस्था स्थलों का विकास और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर बेहतर साफ-सफाई और इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण, यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा।
