चंडीगढ़ : पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया। बैसाखी पर्व से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक बस देर रात अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिनका इलाज मोरिंडा और फतेहगढ़ साहिब के विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
जानकारी के अनुसार, फतेहगढ़ साहिब से करीब 40 श्रद्धालु श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित बैसाखी मेले में शामिल होने के लिए गए थे। श्रद्धालु धार्मिक उत्साह और भक्ति भावना के साथ मेले में शामिल हुए थे, लेकिन वापसी के दौरान यह यात्रा हादसे में बदल गई। बताया जा रहा है कि लौटते समय बस में अचानक तकनीकी खराबी आ गई, जिससे चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका। अनियंत्रित बस पहले सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकराई और फिर पलट गई।
यह हादसा हलका बस्सी पठाना के गांव हिम्मतपुरा (भटेड़ी) के पास देर रात हुआ। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। आसपास के ग्रामीण भी मदद के लिए दौड़ पड़े और घायलों को बस से बाहर निकालने में सहयोग किया।
फतेहगढ़ साहिब के एसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। वहीं, मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है।
हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। विशेष रूप से गांव मैन माजरी में मातम का माहौल है, क्योंकि इस गांव के कई लोग इस दुर्घटना का शिकार हुए हैं। कुछ परिवारों ने अपने एक से अधिक सदस्यों को खो दिया, जिससे गांव में गहरा दुख और सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजन अस्पतालों और घटनास्थल के बीच अपने प्रियजनों की जानकारी लेने के लिए भटकते नजर आए।
स्थानीय विधायक रुपिंदर सिंह हैप्पी ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रशासन से घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग भी की है।
फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी को कारण माना जा रहा है, लेकिन अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन रखरखाव के महत्व को उजागर करता है। एक धार्मिक यात्रा, जो श्रद्धा और उत्साह से भरी हुई थी, वह कुछ ही पलों में दर्दनाक हादसे में बदल गई। पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल है, और हर कोई पीड़ित परिवारों के दुख में शामिल है।
