सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी बोले – 30 रोजों का इनाम है ईद
बरेली : जैसे-जैसे ईद -उल-फितर का त्योहार करीब आ रहा है,वैसे-वैसे तैयारियां भी तेज होती जा रही हैं। ईद से पहले रविवार को दरगाह आला हजरत में जरूरतमंदों को ईद की खुशियों में शामिल करने के लिए कपड़ों का वितरण किया गया।दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती असजद रजा खां कादरी की ओर से बच्चों को कुर्ता-पायजामा और महिलाओं को सूट बांटे गए, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोग भी ईद की खुशियां मना सकें। इससे पहले दरगाह की ओर से रमज़ान के दौरान जरूरतमंद परिवारों को राशन किट भी वितरित की जा चुकी है।
तीस रोज़ों का इनाम है ईद उल फितर
इस मौके पर मुफ्ती अहसन मियां ने कहा कि जब कोई मुसलमान पूरे रमजान के तीस रोज़े रखकर अल्लाह की इबादत करता है और उसकी बताई राह पर चलता है, तो अल्लाह उसे उसके सब्र और इबादत का इनाम ईद-उल-फितर के रूप में देता है। उन्होंने कहा कि ईद सिर्फ खुशियों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी मोहब्बत, भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद का भी पैगाम देती है। असली खुशी तब है जब गरीब और जरूरतमंद लोग भी इस त्योहार में बराबर की भागीदारी कर सकें।
ईदी की खबर सुनकर दरगाह पर उमड़ी भीड़
दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि जैसे ही कपड़े और ईदी बांटने की खबर फैली,सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग दरगाह पहुंचने लगे। सभी जरूरतमंदों को ईदी और कपड़े देकर नवाज़ा गया।
इस मौके पर मौलाना बशीरूल कादरी, मौलाना जाहिद रज़ा, परवेज़ नूरी, औरंगज़ेब नूरी, शाहिद नूरी, मंज़ूर रज़ा, अजमल नूरी और ताहिर अल्वी समेत कई लोग मौजूद रहे।
