100 से अधिक कपड़ों के गोदामों में दहशत, 150 से ज्यादा घरों पर भी खतरा मंडराया
बरेली/ मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के भोजपुर कस्बे में सोमवार रात एक भयावह अग्निकांड ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। रानी नागल इलाके के पुराने कपड़ों के एक गोदाम में लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पास के 4 और गोदामों को भी अपनी चपेट में ले लिया। घटना रात करीब 8 बजे की है, जब अचानक एक गोदाम से धुआं उठता देखा गया।
आग की भयावहता, 2 किलोमीटर दूर से दिखीं लपटें

घटना इतनी भीषण थी कि आग की लपटें और धुएं का गुबार लगभग 2 किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। गोदामों के आसपास रहने वाले लोगों में चीख-पुकार मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियाँ मौके पर तैनात

स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन जब हालात काबू से बाहर हो गए, तो फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। बताया जा रहा है कि दमकल विभाग को सूचना देने में देर हो गई, और कॉल के लगभग 25 मिनट बाद फायर ब्रिगेड की पहली गाड़ी मौके पर पहुंची। अब तक कुल 6 दमकल गाड़ियाँ आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं। स्थानीय लोग भी बाल्टी, पाइप और अन्य संसाधनों से फायर कर्मियों की मदद कर रहे हैं।
100 से अधिक कपड़ों के गोदाम, वहीं रहते हैं मजदूर
रानी नागल इलाका पुराने कपड़ों के थोक गोदामों के लिए जाना जाता है। यहां करीब 100 से अधिक गोदाम हैं, जहां पुराने कपड़ों से दरियां व अन्य उत्पाद बनाए जाते हैं। मजदूर यहीं काम करते हैं और अधिकतर इन्हीं गोदामों में रहते भी हैं। इस कारण घटना के वक्त बड़ी संख्या में मजदूर मौके पर मौजूद थे, जिससे जानमाल के नुकसान की आशंका और अधिक हो गई थी।
150-200 रिहायशी मकानों को खतरा, कई घर खाली कराए गए
जिन गोदामों में आग लगी, उनके बिल्कुल पास लगभग 150 से 200 मकान स्थित हैं। जैसे-जैसे आग बढ़ी, यह रिहायशी इलाके तक फैलने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने कई घरों को एहतियातन खाली करा लिया है। दमकल विभाग की कोशिश है कि आग किसी भी हालत में इन मकानों तक न पहुंचे।
आग लगने के संभावित कारणों पर संशय
अब तक आग लगने की वजह साफ नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बीड़ी सिगरेट पीने वाले मजदूरों की लापरवाही इसके पीछे हो सकती है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यह शॉर्ट सर्किट का मामला हो सकता है। फायर विभाग और प्रशासन की टीमें जांच में जुटी हुई हैं।
प्रशासन और पुलिस मौके पर डटे
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंच गई हैं। स्थिति की निगरानी लगातार की जा रही है। किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है, और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
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