नहाने के दौरान मोबाइल से रील बनाने के दौरान हुआ हादसा, दो ने रास्ते में तोड़ा दम
आगरा /लखनऊ: यूपी के आगरा जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के नगला नाथू गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। यमुना नदी में नहाने गई छह बहनों (बच्चियों) की डूबने से मौत हो गई। घटना की खबर जैसे ही गांव और प्रशासन को मिली। इससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। नदी किनारे जो दृश्य दिखा, उसने हर किसी का दिल दहला दिया। बताया जाता है कि यह नहाने के दौरान मोबाइल से रील बना रही थीं। जिसके चलते हादसा हो गया। इनसे पहले भाई नहाने गए थे। पुलिस ने मोबाइल फोन लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। इसमें कुछ किशोरी छात्राएं हैं, जो छुट्टी में रिश्तेदारी में आई थीं।
बहन को बचाने की कोशिश में गई छह जानें

18 वर्षीय मुस्कान अपनी छोटी बहन संध्या, दिव्या, चचेरी बहन नैना, मौसेरी बहन सोनम, सुहानी और चचेरे भाई दीपेश के साथ घर के पास से गुजरने वाली यमुना नदी में नहाने गई थी। नहाते समय संध्या गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने मुस्कान और दिव्या भी आगे बढ़ीं लेकिन वे भी गहराई में फंस गईं। देखते ही देखते छह लड़कियां पानी में डूब गईं। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों और पुलिस की मदद से सभी को बाहर निकाला गया। पहले चार की मौके पर ही मौत हो गई। दो को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
राहत कार्य में बाधा बना खराब रास्ता
घटना के बाद तुरंत एंबुलेंस को बुलाया गया, लेकिन कच्चे रास्ते और खराब संपर्क मार्ग की वजह से वाहन घटनास्थल तक नहीं पहुंच सका। मजबूरी में ग्रामीणों ने मोटरसाइकिल और निजी साधनों से घायल बच्चियों को अस्पताल पहुंचाया। अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह ने मौके पर पहुंचकर जानकारी दी कि कच्चा रास्ता होने के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी मुश्किल आई। अगर, रास्ता ठीक होता, तो शायद दो बच्चियों की जान बचाई जा सकती थी।
गांव में पसरा मातम, परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल
एक ही गांव से छह बच्चियों की मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। जिन परिवारों में आज खुशियों की चहक होनी थी। वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। हर किसी की आंखें नम हैं और दिल में एक ही सवाल—क्या यह दर्द टाला जा सकता था?
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