बरेली : अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ऑपरेशनल यूनिट बरेली ने एक सक्रिय तस्कर को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपी के कब्जे से 6 किलो 320 ग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम बरामद की है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल, एक मोबाइल फोन और 770 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
फैक्ट्री के मटेरियल गेट के पास से गिरफ्तारी
एएनटीएफ थाने के प्रभारी विकास यादव ने मीडिया को बताया कि 17 सितंबर, 2026 को थाना भमोरा क्षेत्र में इफको फैक्ट्री के मटेरियल गेट से कुछ दूरी पर गिरफ्तारी की गई।गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशाल निवासी ग्राम सिसौना, थाना बिसारतगंज, जनपद बरेली के रूप में बताई गई है। आरोपी के कब्जे से बरामद अफीम का वजन 6 किलो 320 ग्राम था।इसकी अनुमानित कीमत लगभग 35 लाख रुपये आंकी गई है।
पूछताछ में झारखंड से अफीम लाने की बात कही
ANTF टीम की पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वह और उसका एक पार्टनर झारखंड के किसी व्यक्ति से कम कीमत पर अफीम खरीदकर बरेली रेलवे स्टेशन से लाए थे। इसके बाद इस अफीम को पंजाब में किसी व्यक्ति को सप्लाई किया जाना था। बताया गया है कि आरोपी अफीम की खेप को पंजाब में सप्लाई करने के लिए ले जा रहा था, इसी दौरान पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया।
NDPS Act की धाराओं में मुकदमा
एएनटीएफ के मुताबिक बरामद मादक पदार्थ के संबंध में थाना भमोरा, जनपद बरेली मे अपराध संख्या 387/2026 दर्ज किया गया है। इसमें आरोपियों के खिलाफ धारा 8/18/29/60 NDPS Act के तहत पंजीकृत किए जाने की जानकारी दी गई है। इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
क्या-क्या हुआ बरामद?
टीम ने 6 किलो 320 ग्राम अफीम बरामद की है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपये, 01 मोटरसाइकिल, 01 मोबाइल फोन, 770 रुपये नकद बरामद की है। यह कार्रवाई एएनटीएफ लखनऊ के नेतृत्व में एएनटीएफ यूनिट बरेली की टीम द्वारा की गई। इसमें प्रभारी उप निरीक्षक विकास यादव, हेड कांस्टेबल अंकित यादव,सौरभ चौधरी, कुश कुमार, रविन्द्र चौधरी और नीरज चौधरी के नाम शामिल हैं। कार्रवाई में थाना भमोरा पुलिस टीम और सर्विलांस टीम का भी सहयोग बताया गया है। प्रेस नोट के अनुसार सर्विलांस टीम की ओर से एएनटीएफ मुख्यालय लखनऊ के मुख्य आरक्षी अजय कुमार का भी सहयोग रहा।
जांच का दायरा बढ़ने की संभावना
अफीम की इतनी मात्रा बरामद होने के बाद जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि आरोपी तक मादक पदार्थ की खेप किस नेटवर्क के माध्यम से पहुंची और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं। आरोपी द्वारा एक पार्टनर के साथ झारखंड से अफीम लाने तथा पंजाब में सप्लाई किए जाने की बात बताई गई है। इन दावों की आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया के परिणामों के आधार पर ही पुष्टि होगी।
