82 मेधावियों को स्वर्ण पदक, एक डी.लिट. और 104 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि, एआई, रिसर्च और इंटरनेशनल हॉस्टल पर विवि का बड़ा फोकस
बरेली : महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू) का 24वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को गरिमामय माहौल में आयोजित हुआ। खराब मौसम के चलते उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल का बरेली दौरा अंतिम समय में निरस्त कर दिया गया। उन्होंने लखनऊ स्थित जनभवन से वर्चुअल माध्यम से समारोह की अध्यक्षता की और विद्यार्थियों को संबोधित किया।सुबह 10 बजे समारोह की शुरुआत वंदे मातरम् और विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुई। सभागार के बाहर से निकली शैक्षणिक शोभायात्रा में मुख्य अतिथि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार, विशिष्ट अतिथि सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, एसएस विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह तथा एमजेपीआरयू के कुलपति प्रो. कृष्ण पाल सिंह सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी और शिक्षक शामिल हुए।
185 पेटेंट, 1000 शोध पत्र और 55 विदेशी छात्र
दीक्षांत समारोह में 82 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इसके अलावा एक विद्वान को डी.लिट. (डॉक्टर ऑफ लिटरेचर) तथा 104 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया।राज्यपाल ने वर्चुअल माध्यम से सभी उपाधिधारकों और पदक विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए समाज और राष्ट्र निर्माण में ज्ञान के सदुपयोग का संदेश दिया। कुलपति प्रो. कृष्ण पाल सिंह ने विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि एमजेपीआरयू शिक्षा और शोध के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में ऑनलाइन शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित पाठ्यक्रम, राष्ट्रीय रैंकिंग और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्तमान में विश्वविद्यालय में 55 विदेशी छात्र अध्ययनरत हैं और अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जल्द ही इंटरनेशनल ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कराया जाएगा।
वर्चुअल माध्यम से की दीक्षांत समारोह में शिरकत
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय के नाम 185 पेटेंट दर्ज हैं तथा अब तक एक हजार से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने शोध, नवाचार और वैश्विक शैक्षणिक सहयोग को विश्वविद्यालय की प्राथमिकता बताया। राज्यपाल के आगमन को लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। शहर को सुपर जोन, जोन और सेक्टरों में विभाजित कर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि, खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर से प्रस्तावित दौरा निरस्त होने पर कार्यक्रम पूरी तरह वर्चुअल मोड में संपन्न कराया गया।
काले कपड़ों, मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध
दीक्षांत समारोह के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए। सीमित संख्या में वालंटियर तैनात किए गए, जीरो मूवमेंट नीति लागू रही तथा शोधार्थियों के लिए काले कपड़ों, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के उपयोग पर प्रतिबंध रखा गया। गरिमामय वातावरण में संपन्न हुए इस समारोह में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, शोध, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी बढ़ती पहचान का संदेश देते हुए भविष्य की नई योजनाओं की भी रूपरेखा प्रस्तुत की।
